पंचतंत्र

PanchTantra-टका नहीं तो टकटका भाग-2

लगता है बनिया पक्का बनिया था। उसे जोडऩा-घटना तो अचछी तरह आता था पर बारीक बातें पल्ले नहीं पड़ती थीं। हो सकता है विष्णुशर्मा से ही चूक हो रही हो। अस्सी की उम्र कुछ कम तो होती नहीं। उम्र का असर उनके माथे पर भी पडऩे लगा हो तो कोई हैरानी की बात नहीं। कारण जो भी हो जिन

सात तरह के व्यापार (Business) की बात वह बनिया सोच रहा था। उनमें से कुछ तो केवल धोखा देने के हथकंडे थे। पर ऊधमी समझे जाने वाले राजकुमार विष्णुशर्मा की बातें इस तरह चुपचाप सुन रहे थे, जैसे उन्होंने जादू कर दिया हो।

व्यापार (Business) में गंधी का काम तो सोने चांदी के व्यापार (Business) से भी शानदार है। इसमें एक रुपए का तेल फुलेल बना नहीं कि दस रुपए में बिक जाता है।

इससे आगे, अगले भाग-3 में पढ़ें….

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