जब यह तय हो गया कि सबसे अच्छा धंधा व्यापार (Business) का ही है। तो वह विचार करने लगा कि तरह-तरह के व्यापार (Business) में किस चीज का व्यापार ठीक रहेगा। व्यापार (Business) भी तो सात तरह का होता है।
वह मन ही मन इनकी गिनती करने लगा। एक है गंधी या इतर फुलेल का काम। दूसरा है गिरवीं पर पैसा देना। तीसरा है मोती का काम। चौथा है परिचित ग्राहकों की आंख में धूल झोंकना।
पांचवा है एक का दो बता कर तीन गुना वसूल करना। छठा है नाप तौल में हेराफेरी। और सातवां परदेश का माल मंगाना और अपने देश का माल परदेश में बेचना।
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