पिछले अंक, PanchTantra-टका नहीं तो टकटका भाग-2 में आपने पढ़ा कि……….
व्यापार (Business) में गंधी का काम तो सोने चांदी के व्यापार (Business) से भी शानदार है। इसमें एक रुपए का तेल फुलेल बना नहीं कि दस रुपए में बिक जाता है।
इससे आगे भाग-3 में पढ़िए….
बंधक पर माल रख कर पैसा देने वाला (Businessmen) तो रोज अपने इष्ट देव को मनाता रहता है कि बंधकी मर जाए तो तुम्हें प्रसाद चढ़ाऊंगा। देवता तो बने ही हैं इस तरह की मन्नतें पूरी करने के लिए। इसलिए आधा देवताओं की मदद से और आधा तंगी की मार से बंधकी मर कर ही रहता है।
देवताओं की भूख और बंधक रखने वाले की कामना अक्सर पूरी हो जाती है। जिसका हाथ इतना तंग हो चुका है कि उसे घर के सामान तक बंधक रखने पड़े, वह कहां से मूल जुटाएगा। कहां से भारी ब्याज देगा और इसके बाद जिंदा रह भी गया तो रहेगा कितने दिन।
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