पंचतंत्र
PanchTantra-कान भरने की कला भाग-17
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पिछले अंक के भाग-16 में आपने पढ़ा कि……………
इसे उसने पांच खंडों में तैयार किया था। उसके मन में कहानियां लिखते समय मकड़ी के तार का रूपक रहा हो या कठपुतली के खेल में सूत्रधार का उदाहरण, उसने इस किताब का नाम रखा पंचतंत्र।
इससे आगे भाग-17 में पढ़िए………कि..
लड़के छह महीनों के भीतर इतने घाघ हो गए कि वे किसी चीज का थाह पता लगा लें, पर उनका थाह पता कोई न पा सके। इसके बाद तो मनचले राजकुमारों और बिगड़े नवाबों को ढर्रे पर लाने के लिए इसे इतना कारगर पाया कि राजा और नवाब अपने लड़कों को कूटनीति का दादा बनाने के लिए पूरे जतन से पहले तो उन्हें बिगाड़ते।
यह भी पढ़ें:—PanchTantra-कान भरने की कला भाग-10
https://northindiastatesman.com/panchtantra-10/2/
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