पंचतंत्र

PanchTantra-कान भरने की कला भाग-17

यह किस्सा अलिफ-लैला हो या ईसा की कहानियां या जहां यह किताब सीधे नहीं पहुंची इसकी इक्की दुक्की कहानियां ही पंहुच पाईं वहां इसकी तर्ज पर गढ़ी गई उपदेश की कहानियां, सब के पीछे इस किताब की छाप देखी जा सकती है।

कहते है, जो इस पुस्तक को नियमित पढ़ता या सुनता है उसका सामना यदि देवताओं के राजा इंद्र भगवान से भी हो जाए, जो चालबाजी में खासें गुरू माने जाते हैं, तो वह उनसे भी मात नहीं खा सकता।

अधीते य इदं नित्यं नीतीशास्त्रं शुणोति च।
न पराभवमाप्नोति शकादपि कदाचन।

इससे आगे भाग-18 में पढ़िए……………..

Previous page 1 2 3

Related Articles

Back to top button

mahjong ways

slot777