पश्चिम बंगाल

हाथ में हसुआ लेकर आखिर पोलिंग बूथ पर क्यों पहुंच गईं महिलाएं

कोलकाता – पश्चिम बंगाल में शनिवार को पंचायत चुनाव में हिंसा के बाद सोमवार को राज्य के कुल 697 बूथों पर दोबारा चुनाव हो रहा है। आज भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों से मतदान के आसपास अशांति की खबरें आ रही हैं। लेकिन दिनहाटा, इस्लामपुर सहित कई इलाकों में हिंसा जारी है।

दिनहाटा में बमबारी और गोलीबारी की घटना घटी है। वहीं, चुनावी हिंसा के खिलाफ पूर्व मिदनापुर की कांथी की महिलाओं ने मतदान का बायकॉट किया और पोलिंग बूथ पर हसुआ लेकर पहुंच गईं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कांथी देशप्राण ब्लॉक के अमतलिया प्राइमरी स्कूल में दोबारा चुनाव का ग्रामीणों ने बहिष्कार किया। आठ जुलाई को पंचायत चुनाव के दिन चुनाव में धांधली के कारण ग्रामीणों ने मतपत्र तालाब में फेंक दिये था।

फिर राज्य चुनाव आयोग ने दोबारा चुनाव की घोषणा की। तो गांव वालों ने वोट बायकॉट करने का निर्णय किया। बूथ की हर सड़क पर गांव की महिलाएं धारदार हथियार के साथ पहरा दे रही हैं ताकि कोई मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच पाए।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद भी हिंसा जारी है और चुनाव शुरू होने से लेकर अभी तक 40 लोग अपनी जान गंवा चुके है। चुनाव को लेकर हिंसा से लोगों में काफी आक्रोश है।

दोबारा मतदान में गंगापुर में अशांति
इस बीच, राज्य भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को दक्षिण दिनाजपुर के गंगारामपुर में विरोध का सामना करना पड़ा। सुकांत मजूमदार के धरना पर बैठते ही स्थिति गरमा गई है।

सुकांत मजूमदार ने बताया कि सोमवार दोपहर उन्हें सूचना मिली कि गंगारामपुर के माधवपुर इलाके में अशांति है। उनके पास शिकायतें आईं कि तृणमूल कार्यकर्ता इलाके को अशांत करने की कोशिश कर रहे हैं. इसके बाद वह वहां चले गये। कथित तौर पर इलाके में पहुंचने पर एक समूह ने उनका रास्ता रोक लिया।ही है।

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