विविध

सिरसा में जनजीवन प्रभावित, आवश्यक वस्तुओं की कमी से जूझ रहे हैं लोग

सिरसा। इस शहर में प्रशासन द्वारा कड़े प्रतिबंध लगाये जाने के बाद सुरेन्द्र कौर अपनी घरेलू जरूरतों के लिए दो दिनों से बैंक एटीएम से रूपया नहीं निकाल पा रही है जबकि पेट्रोल पंप बंद होने के कारण मनजीत सिंह अपने मोटरसाइिकल में तेल नहीं भरवा पा रहे हैं। सीबीआई की एक अदालत द्वारा 15 साल पुराने एक मामले में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को सजा सुनाये जाने के बाद उनके अनुयायियों द्वारा भारी पैमाने पर की गयी हिंसा के बाद किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लगाये जाने के बाद डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय वाले स्थान सिरसा में जनजीवन प्रभावित हुआ है।

पंथ मुख्यालय के नजदीक स्थित एक दूध संयंत्र में प्रदर्शनकारी अनुयायियों द्वारा आग लगाये जाने के कारण कई इलाकों में दूध की आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुयी है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पंचकूला में सीबीआई अदालत द्वारा डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को यौन उत्पीड़न के एक मामले में दोषी ठहराये जाने के बाद अनुयायी हिंसक हो उठे और दूध के एक संयंत्र में आग लगा दी। उन्होंने बताया कि कुछ घंटों के भीतर आग पर काबू पा लिया गया।

आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति नहीं होने के कारण होटलों को भी समस्याओं को सामना करना पड़ रहा है। साथ ही प्रतिबंधों के कारण होटल कर्मचारी अपने कार्यस्थलों पर नहीं पहुंच सके। डेरा मुख्यालय से करीब चार किलोमीटर दूर अपने घर में कौर ने कहा, ‘‘पिछले दो दिनों से मैं अपने घर के लिए आवश्यक वस्तुएं खरीदने में असमर्थ रही हूं क्योंकि मेरे पास रूपया नहीं है और एटीएम बंद पड़े हुये हैं। अधिकारियों को चाहिए कि आवश्यक सुविधाएं शुरू करे ताकि लोगों को किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़े।’’ एहतियाती उपाय के तहत विद्यालयों, कॉलेजों, सिनेमा हॉल, पेट्रोल पंपों को भी बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने डेरा मुख्यालय के आसपास के इलाकों में गुरुवार को कर्फ्यू लगा दिया था। बीती शाम को डेरा के अनुयायियों के हिंसक विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर लोगों को घर के अंदर रहने के लिए कहा गया है।

Related Articles

Back to top button

mahjong ways

slot777