उत्तर प्रदेश

विधानसभा सत्र में बोले सपा विधायक राकेश सिंह-वर्दी की धमक होनी चाहिए आतंक नहीं…

अमेठी पुलिस को बिना सूचना दिए तीन युवकों को रायबरेली पुलिस द्वारा उठाये जाने का मुद्दा सदन में गूंजा

अमेठी। विधानसभा में बजट सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी विधायक राकेश सिंह ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया। उन्होंने अपने क्षेत्र में शुक्रवार को अमेठी पुलिस को बिना सूचना दिए रायबरेली पुलिस द्वारा उठाये गए तीन युवकों व विरोध करने पर 80 वर्षीय बुजुर्ग के साथ 12 वर्दी धारियों द्वारा पिटाई करने का मुद्दा सपा विधायक ने रखा। इस दौरान पुलिस पर भूमाफिया, तस्कर, अपरहरणकर्ता, रंगदारी, फिरौली मांगने वालों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। सदन में सपा विधायक ने पुलिस की कलई खोल कर रख दी। हालांकि विधान सभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप पर मंत्री ने एसपी रायबरेली द्वारा भेजी गई आख्या को सदन में पढ़कर सुनाया।

अमेठी के गौरीगंज से सपा विधायक राकेश सिंह ने कार्य स्थगन पर बोलने का मौका दिए जाने पर अध्यक्ष को धन्यवाद ज्ञापित किया। राकेश सिंह ने कहा कि यह प्रत्येक व्यक्ति, थाना व प्रत्येक जिले की बात है कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाये तो समाज को न्याय कहां से मिलेगा। विधायक ने कहा कि 8 फरवरी की रात एक बजे हमारी ही विधानसभा और थाना जामों के ग्राम सभा गोगमऊ में डेढ़ दर्जन वर्दीधारी घर का दरवाजा तोड़ते हुए अंदर प्रवेश करते है। उस दौरान बिना कारण बताए तीन युवकों को हिरासत में लेकर जाने लगते है तो घर में मौजूद 80 वर्षीय बुजुर्ग जब इसका विरोध करती है तो पुलिस के भेष में 12 वर्दीधारी उसकी पिटाई कर देते है। घटना की भनक अमेठी पुलिस को नहीं लगती है। विधायक ने कहा कि रात भर यह पता नहीं चला कि पुलिस के भेष में युवकों को आतंकवादी ले गए या फिर उनका किडनैप हुआ।

राकेश सिंह ने कहा कि पुलिस के जरिये भूमाफिया जमीनों पर कब्जा कर रहे है। रोक लगाने की जगह खुद पुलिस ही भूमाफिया बन जा रही है। फिरौती, अपहरण पर रोक थाम लगाते हुए स्वयं अपहरण कर पुलिस फिरौती मांग रही है। विधायक ने कहा कि आज पुलिस का काम हो गया है कि एक पक्ष से पैसा लेकर दूसरे पक्ष को जमीन पर कब्जा दिलाया जा रहा है। आम जनता, साथी संगती, नातेदार रिश्तेदार को थाने में बैठाकर छोड़ने के नाम पर जमकर वसूली करती है। अमेठी के गोगमऊ ग्राम सभा से रायबरेली पुलिस द्वारा उठाये गए तीनो युवकों को लेकर सपा विधायक ने कहा कि अगर उन पर कोई अभियोग पंजीकृत नहीं है तो उन्हें छोड़ा जाय।

विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप पर मंत्री ने एसपी द्वारा भेजी गई आख्या पढ़कर सुनाया की बीते 5 फरवरी को रायबरेली में पीडब्ल्यू कार्यालय में रंगदारी न देने पर ठेकेदार के वाहन में तोड़फोड़ करने के आरोपो की जांच में पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया है। बुजुर्ग महिला से पुलिस द्वारा की गई मारपीट की आख्या एसपी रायबरेली से बात कर शाम तक सदन में पेश करने की बात कही।

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