ये नमक नपुंसकता और लकवा (paralysis) का बहुत बड़ा कारण है। समुद्री नमक से सिर्फ शरीर को 4 पोषक तत्व ही मिलते हैं! हॉं बीमारियॉं जरूर साथ में सैकड़ों मिल जाती हैं! सरकार को आयोडीनयुक्त नमक को बैन करना चाहिए।
रिफाइण्ड नमक में 98% सोडियम क्लोराइड ही होता है। शरीर इसे विजातीय पदार्थ के रुप में रखता है। यह शरीर में घुलता नही है। इस नमक में आयोडीन को बनाये रखने के लिए Tricalcium Phosphate, Magnesium Carbonate, Sodium Alumino Silicate जैसे रसायन मिलाये जाते हैं, जो सीमेंट बनाने में भी इस्तेमाल होते हैं।
अब आप स्वंय सोच लें कि विज्ञान के अनुसार यह रसायन शरीर में रक्त वाहिनियों को कड़ा बनाते हैं, जिससे ब्लाक्स बनने की संभावना और आक्सीजन ग्रहण करने में परेशानी होती है। जोड़ो का दर्द और गठिया, प्रोस्टेट आदि होती है। आयोडीन नमक से पानी की जरुरत ज्यादा होती है। 1 ग्राम नमक अपने से 23 गुना अधिक पानी खींचता है। यह पानी कोशिकाओं के पानी को कम करता है। इसी कारण हमें प्यास ज्यादा लगती है।
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