हुआ ये कि जब ग्लोबलाईजेशन के बाद बहुत सी विदेशी कंपनियों (अनपूर्णा,कैपटन कुक) ने नमक बेचना शुरू किया तब ये सारा खेल शुरू हुआ! अब समझिए खेल क्या था?? खेल ये था कि विदेशी कंपनियों को नमक के माध्यम से बहुत मोटा लाभ कमाना है।
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पूरे भारत में समुद्री नमक बेचने के लिए एक नई बात फैलाई गई कि आयोडीन युक्त नामक खाओ,आप सबको आयोडीन की कमी हो गई है। ये सेहत के लिए बहुत अच्छा है आदि-आदि बातें पूरे देश में प्रायोजित ढंग से फैलाई गईं।
जो नमक किसी जमाने में 2 से 3 रूपये किलो में बिकता था। उसकी जगह आयोडीनयुक्त नमक के नाम पर सीधा भाव पहुँच गया 8 रूपये प्रति किलो और आज तो 20 रूपये को भी पार कर गया है।