फ्लैश न्यूजभारत

मेधावी छात्रों को मोदी सरकार का तोहफा, प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना को मिली मंजूरी, जानें प्लान

[tta_listen_btn listen_text="खबर सुनें" pause_text="Pause" resume_text="Resume" replay_text="Replay" start_text="Start" stop_text="Stop"]

सरकार ने देश के मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना शुरू करने का निर्णय लिया है जिसके तहत छात्रों को दस लाख रूपये तक का ऋण दिया जायेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी।

सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यहां संवाददाता सम्मेलन में मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना के लिए वर्ष 2024-25 से 2030-31 के दौरान 3,600 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है और इस अवधि के दौरान 7 लाख नए छात्रों को इस का लाभ मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि ऐसे छात्र जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 8 लाख रुपये तक है और जो किसी अन्य सरकारी छात्रवृत्ति या ब्याज छूट योजना के तहत लाभ के पात्र नहीं हैं, उन्हें ऋण स्थगन अवधि के दौरान 10 लाख रुपये तक के ऋण पर 3 प्रतिशत ब्याज छूट भी प्रदान की जाएगी। ब्याज छूट सहायता हर साल एक लाख छात्रों को दी जाएगी।

इसके साथ ही 7.5 लाख रुपये तक की ऋण राशि के लिए, छात्र बकाया डिफ़ॉल्ट के 75 प्रतिशत की क्रेडिट गारंटी के लिए भी पात्र होगा। इससे बैंकों को योजना के तहत छात्रों को शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी एक नई केंद्रीय क्षेत्र योजना है, जिसका उद्देश्य मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि वित्तीय बाधाएं किसी को भी उच्च अध्ययन करने से न रोक सकें।

पीएम विद्यालक्ष्मी राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 से निकली एक और महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें सिफारिश की गई थी कि सार्वजनिक और निजी दोनों ही तरह के उच्च शिक्षा संस्थानों में विभिन्न उपायों के माध्यम से मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

राज्‍यों से जुड़ी हर खबर और देश-दुनिया की ताजा खबरें पढ़ने के लिए नार्थ इंडिया स्टेट्समैन से जुड़े। साथ ही लेटेस्‍ट हि‍न्‍दी खबर से जुड़ी जानकारी के लि‍ये हमारा ऐप को डाउनलोड करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button