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कासगंज कांड: भाले से किया सिपाही का शरीर छलनी, दर्ज हैं 11 मुकदमे

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कासगंज: सिढ़पुरा थाना क्षेत्र स्थित नगला धीमर गांव में मंगलवार को शराब माफिया पर नकेल कसने पहुंची पुलिस को बंधक बनाकर पीटने से एक सिपाही की मौत हो गई और दारोगा बुरी तरह जख्मी हो गए. शराब माफिया के हमले में सिढ़पुरा थाना में तैनात दारोगा गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि सिपाही देवेंद्र की मौत हुई है. आगरा जोन के एडीजी अजय आनंद देर रात घटनास्थल पहुंचे. उन्होंने बताया माफिया पर 11 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं.

हत्यारों ने सिपाही को भाले से गोद कर मारा

नगला धीमर में भारी मात्रा में अवैध रूप से कच्ची शराब का कारोबार किया जाता है. एडीजी अजय आनंद ने बताया दारोगा अशोक कुमार और सिपाही देवेंद्र रूटीन गश्त के दौरान ही शराब माफिया को पकड़ने गए थे. तभी शराब के कारोबार में लिप्त वांछित अपराधी मोती और उसके साथियों ने मिलकर दारोगा अशोक कुमार और सिपाही को बंधक बना लिया और उनकी बर्बरतापूर्वक पिटाई कर शरीर को भाले से गोद दिया, जिससे दारोगा अशोक कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए और सिपाही देवेंद्र की मौत हो गयी. वारदात को अंजाम देने में 6 लोग शामिल थे.

रक्त रंजित हालत में मिला था सिपाही देवेंद्र का शव

पुलिस के अनुसार वारदात के बाद दारोगा अशोक कुमार जंगल की तरफ घायल अवस्था में एक गड्ढे में पड़े मिले, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया था. थोड़ी देर बाद गेहूं के खेत में रक्त रंजित हालत में सिपाही देवेंद्र पड़े मिले, जिनको तत्काल सिढ़पुरा पीएचसी पर लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

दारोगा की रिवाल्वर गुम

हमले में घायल दारोगा अशोक कुमार मैनपुरी जनपद के ग्राम गवे थाना किसनी के रहने वाले हैं, जबकि मृतक सिपाही देवेंद्र आगरा जनपद के ग्राम नगला बिंदु थाना डौकी के रहने वाले थे. एडीजी अजय आनंद ने बताया शराब माफिया पर 11 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. उस पर कुर्की की कार्रवाई भी हो चुकी है. एडीजी ने बताया कि अन्य जनपदों का फोर्स गांव में तैनात किया गया है और गांव की घेराबंदी कर लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार किया जाएगा. एडीजी के अनुसार दारोगा की रिवाल्वर गुम हो गयी है.

परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता और आश्रित को सरकारी नौकरी

कासगंज की घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है. उन्होंने घटना में शामिल गुनाहगारों पर एनएसए के तहत कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिसकर्मी के परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए 50 लाख की आर्थिक सहायता और आश्रित को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है. कानून व्यवस्था के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार का समझौता न करते हुए सम्बन्धित दोषियों के विरुद्ध अविलम्ब व सख्त कार्रवाई की जाए.

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