मंत्री और मंत्रालय स्तर पर अपने कारगुजारियों से आई.ए.एस. अधिकारी ऋतु माहेश्वरी का ट्रांसफर ही करा दिया। महज 11 महीने में बिजली कम्पनी से उन्हें कलेक्टर गाजियाबाद के पद पर स्थानान्तरित कर दिया गया।
ऐसे माहौल में यदि इस स्लोगन का ढिढ़ोरा पीटा भी जाता रहे कि अफसर ईमानदारी और साहस से काम करें। शासन भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टालरेन्स की नीति रखता है तो इन नारों मात्र से क्या भ्रष्टाचार कभी दूर हो पायेगा?