तमिलनाडु में भारी बारिश से आफत, 5 लोगों की मौत, अगले 24 घंटे में तबाही मचा सकता है चक्रवाती तूफान
तमिलनाडु में आफत बनकर बरस रहे बादल से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई है और 538 से ज्यादा कच्चे घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस बीच, मौसम विभाग के मुताबिक तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। यहां अगले 24 घंटे में एक चक्रवाती तूफान पहुंच सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने तमिलनाडु के 13 जिलों में अगले 24 घंटे भारी बारिश का संकेत देते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, कुछ इलाकों में 11 नवंबर तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
मौसम विभाग के मुताबिक आज बेंगलुरु शहर, बेंगलुरु ग्रामीण, चामराजनगर, चिक्कबल्लापुर, चिकमगलूर, चित्रदुर्ग, हासन, कोडागु, मांड्या, मैसूर, रामनगर और शिवमोग्गा जिलों में भारी बारिश होगी। वहीं, दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ के तटीय जिलों में भी बारिश होने वाली है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक के जिलों में भी हल्की बारिश होगी।
क्यों हो रही बारिश?
मौसम विभाग ने नीलगिरी, कोयंबटूर, डिंडीगुल, थेनी, तेनकासी और तिरुनेलवेली जिलों के लिए मंगलवार को ‘अलर्ट’ रहने को कहा है। एक बुलेटिन में विभाग ने कहा कि अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और आसपास के इलाकों में कम दबाव का क्षेत्र बनने का अनुमान है। इसके 11 नवंबर की सुबह तक उत्तरी तमिलनाडु तट के पास पहुंचने और राज्य के कई क्षेत्रों में भारी वर्षा होने का अनुमान है। मछुआरों को नौ से 12 नवंबर के बीच मछली पकड़ने के लिए समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
उफनती नदियों में बदल गईं सड़कें
भारी बारिश के कारण कई जलाशयों में पानी भर गया तथा कई सड़कें उफनती नदियों की तरह दिखने लगीं। अधिकारियों ने यहां सोमवार को कहा कि राज्य के कुछ हिस्सों में निचले इलाकों में रह रहे लोगों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। विभिन्न जलाशयों के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश के कारण अतिरिक्त पानी छोड़ने की नौबत आ गई है।
बिजली कटी, दो फुट तक भरा पानी
चेन्नई में ज्यादातर सड़कों और गलियों में पानी जमा है। निचले इलाकों में दो फुट तक पानी भर गया। इससे यातायात भी प्रभावित हुआ। सुरक्षा को देखते हुए कई मोहल्लों में बिजली की आपूर्ति रोक दी गई है। बाढ़ से प्रभावित एक थाने को अस्थायी इमारत में तब्दील करना पड़ा। शहर में कम से कम 75 पेड़ उखड़ गए जिन्हें नगर निगम के कर्मी साफ कर रहे हैं। दिन भर मॉनसून की बारिश रुक-रुक कर होती रही।
पानी निकालने का काम जारी
दक्षिण रेलवे ने कहा कि बारिश और जल-जमाव के कारण नौ नवंबर को चेन्नई उपनगरीय क्षेत्र में न्यूनतम सेवाएं उपलब्ध होंगी। इस बीच, सरकार ने कहा कि जल-जमाव वाले 290 क्षेत्रों में से 59 इलाकों में भारी उपकरणों का उपयोग कर बाढ़ के पानी को निकाला गया और शेष 231 इलाकों में पानी निकालने के लिए तेजी से कार्रवाई की जा रही है।
राहत शिविर में पहुंचे सैकड़ों लोग
सरकार ने कहा कि पिछले 24 घंटों में चेन्नई, थेनी और मदुरै जिलों में बारिश से संबंधित घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। इस दौरान 16 मवेशियों की भी मौत हो गई। चेन्नई में अब तक 1,107 लोगों को 48 राहत शिविरों में रखा गया है और कुल 3,58,500 भोजन के पैकेट वितरित किए गए है। कई अन्य जिलों में भी लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है और उन्हें भोजन और अन्य बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है।



