अपुन माटी के उजाले याद रखना-धीरेन्द्र श्रीवास्तव
आचार्य नरेंद्रदेव अमर रहें
आचार्य नरेंद्रदेव अमर रहें
अपुन माटी के उजाले
याद रखना
………………
लोकनायक जयप्रकाश नारायण ट्रस्ट, लखनऊ के अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी और वरिष्ठ पत्रकार सतीश प्रधान ने आज 31 अक्टूबर को गुलाब बाटिका, दिल्ली में स्थित आचार्य नरेंद्रदेव की मूर्ति पर श्रद्धासुमन अर्पित किया।
आचार्य नरेंद्रदेव-अमर रहें-अमर रहें, के नारे को बुलंद किया और कहा कि ईश्वर! इस देश में ईमान का शासन स्थापित करें।
भाई अनिल त्रिपाठी जी, भाई सतीश प्रधान जी,
आप दोनों के साहस को अर्पित है,
अपुन माटी के उजाले
याद रखना
…………..
वोट देते वक्त छाले याद रखना।
लाठियों के साथ साले याद रखना।
ऐ मजूरों! अपुन घर की वापसी में,
रेल पथ बिखरे, निवाले याद रखना।
भूल मत जाना रसायन का छिड़कना,
फैक्ट्री में पड़े ताले, याद रखना।
दवा के बदले मिली दुत्कार को,
हवा व बिस्तर के लाले, याद रखना।
भूख, आँसू, कैद का उपहार देकर,
सुखद दावों के रिसाले, याद रखना।
स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत जब कहें,
बह रहे सीवर व नाले, याद रखना।
सामने से दिख रहा है बहुत मीठा,
पेट में है दांत पाले, याद रखना।
झालरों से रोशनी कम दे रहे पर,
अपुन माटी के उजाले याद रखना।
मछलियों तुमसे गुजारिश सिर्फ इतनी,
हैं शिकारी जाल डाले, याद रखना।



