
आनंदीबेन पटेल ने चन्द्रशेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर को नैक मूल्यांकन में ‘बी’ ग्रेड मिलने पर राजभवन में सम्मानित किया
प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज यहां राजभवन के प्रज्ञाकक्ष में चन्द्रशेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर को नैक मूल्यांकन में ‘बी’ ग्रेड प्राप्त होने पर राजभवन में प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डा0 डी0आर0 सिंह ने जानकारी दी नैक मूल्यांकन में ‘बी’ ग्रेड प्राप्त होने से यह विश्वविद्यालय नैक ग्रेडिंग प्राप्त देश का पहला कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय बन गया है। राज्यपाल जी ने नैक तैयारियों में संलग्न टीम के सभी सदस्यों को बधाई देकर तैयारियों को निरन्तरता के साथ और बेहतर करने के लिए उत्सावर्द्धन किया।
राज्यपाल ने कमेटी के सभी सदस्यों से उनकी तैयारियों की जानकारी ली तथा कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि वे अपनी तैयारियों की जानकारी प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों के साथ साझा भी करें, जिससे वे नैक मूल्यांकन के लिए अपनी ‘एस0एस0आर0’ दाखिल करने से पूर्व आवश्यक सुधार कर सकें। इसी क्रम में उन्होंने नैक तैयारी के लिए गठित कमेटी को स्थायी रूप से निरन्तर कार्यरत रहने का निर्देश देते हुए कहा कि टीम में नवनियुक्त शिक्षकों तथा कर्मचारियों को भी जोड़ा जाए, जिससे वे कार्य सीखकर सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों की जगह कार्यों को निरन्तर जारी रख सकें।
राज्यपाल ने चण्डीगढ़ के अंतर्राष्ट्रीय रैंकिंग प्राप्त तथा नैक में उच्च ग्रेड प्राप्त शिक्षा संस्थानों की तर्ज पर विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की प्रतिभागिता बढ़ाने, एल्युमुनाई नेटवर्क बेहतर करने, अपने उत्पादों का प्रदर्शन स्थल बनाने, अपनी उपलब्धियों और एल्युमुनाई के चित्रों की वॉल बनाने, अपने शोधकार्यों का ग्रामीण स्तर पर उपयोग बढ़ाने, विश्वविद्यालयों से परस्पर सहयोग स्थापित करने, दीक्षांत समारोह में आए अतिथियों का ‘फोटो वॉल’ बनाने, शिक्षक-विद्यार्थी संवाद को वरीयता देने जैसे विविध आवश्यक सुधारों की आवश्यकता पर भी चर्चा की।
विश्वविद्यालय के कुलपति डा0 डी0आर0 सिंह ने जानकारी दी कि ‘नैक मंथन कार्यशाला’ से पूर्व ही उनका एस0एस0आर0 दाखिल किया जा चुका था। कार्यशाला से अर्जित जानकारी के आधार पर पियर टीम भ्रमण से पूर्व सभी आवश्यक सुधार कराकर स्थिति को बेहतर करने का प्रयास किया गया। उन्होंने राज्यपाल जी से यह भी अनुरोध किया कि चिकित्सा क्षेत्र की भाँति ही कृषि क्षेत्र के शिक्षा संस्थानों के नैक मूल्यांकन के क्राइटेरिया सामान्य शिक्षण संस्थानों से अलग होने चाहिए।
इस अवसर पर सचिव कृषि विभाग श्री अनुराग यादव ने विश्वविद्यालय के कुलपति से नैक तैयारियों की एक चेक लिस्ट बनाने को कहा जिससे अन्य कृषि विश्वविद्यालयों में नैक मूल्यांकन के लिए बेहतर तैयारी करायी जा सके।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राज्यपाल श्री महेश गुप्ता, विशेष कार्याधिकारी शिक्षा सहित चन्द्रशेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्व विद्यालय से नैक तैयारियों के लिए गठित टीम के सभी सदस्य एवं सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।



