आने वाले समय में सकारात्मक साबित होंगे इंडो पैसिफिक के रीजनल डायलॉग, बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
भारतीय नौसेना का शीर्ष अंतरराष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन इंडो पैसिफिक रीजनल डायलॉग बुधवार से शुरू हो गया है। ये सम्मलेन तीन दिनों तक ऑनलाइन आयोजित किया जा रहा है जो 27 से 29 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें समुद्र से जुड़ी भविष्य की चुनौतियों से निपटने पर चर्चा की जाएगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, मुझे खुशी है कि इस वर्ष इंडो पैसिफिक के रीजनल डायलॉग पूरी चुनौतियों के साथ सुचारू ढंग से हुए। आने वाले समय में ये हमारे लिए सकारात्मक साबित होंगे। पैसिफिक रीजन में हम भारत के जल और विशेष आर्थिक क्षेत्र के लिए वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
इंडो-पैसिफिक रीजनल डायलॉग में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, भारत समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (यूएनसीएलओएस) 1982 में निर्धारित किए गए सभी देशों के अधिकारों का सम्मान करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। हम यूएनसीएलओएस, 1982 के तहत शासनादेश के रूप में कानून आधारित समुद्री प्रणालियों के रखरखाव का समर्थन करते हुए अपने क्षेत्रीय जल और विशेष आर्थिक क्षेत्र के संबंध में अपने देश के वैध अधिकारों और हितों की रक्षा करने के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
आतंकवाद, समुद्री डकैती जैसी चुनौतियां भी सामने
रक्षा मंत्री ने कहा कि जहां समुद्र मानव जाति के पालन-पोषण और विकास के लिए अनेक अवसर प्रदान करते हैं। वहीं वे आतंकवाद, समुद्री डकैती, मादक पदार्थों की तस्करी और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियां भी पेश करते है। उन्होंने इन चुनौतियों के लिए सहयोगी प्रतिक्रिया का आह्वान किया और कहा कि इसके काफी अंतर्राष्ट्रीय निहितार्थ है। उन्होंने कहा कि समुद्री मुद्दों पर हितों और समानता के समावेश का पता लगाने की जरूरत है।
इंडो-पैसिफिक रीजनल डायलॉग का पहली बार आयोजन साल 2018 में किया गया था। राष्ट्रीय समुद्री फाउंडेशन नौसेना के इस आयोजन के हर एडिशन के मुख्य आयोजनकर्ता है। इस आयोजन के हर एडिशन का उद्देश्य इंडो-पैसिफिक में पैदा होने वाले अवसरों और चुनौतियों दोनों की ही समीक्षा करना है।



