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पीड़ित महिलाओं के पक्ष में Triple Talaq बिल संसद में पेश
परम्पराओं पर नियम और कानून बनते रहे हैं। लेकिन जिस तेजी से विकास हो रहा है, उसी परिप्रेक्ष्य में यदि कानून को विकसित और परिभाषित नहीं किया गया और रूढ़िवादिता पर टिकी परम्पराओं पर ही भविष्य को संवारने की कोशिश की जाती रहेगी तो सोशल सिस्टम का ढ़ांचा ही चरमरा कर गिर जायेगा।




