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मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के कार्यां की समीक्षा की

लखनऊ : 09 अप्रैल, 2026 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त उपभोक्ताओं की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए इसकी गहन जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि आम उपभोक्ता स्वाभाविक रूप से ईमानदार होता है और यदि उसे समय पर सही बिल प्राप्त हो, तो वह भुगतान करने में कोई हिचक नहीं करता।

मुख्यमंत्री जी आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में ऊर्जा विभाग के कार्यां की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने ओवरबिलिंग की समस्या की वास्तविक स्थिति का पता लगाने हेतु विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि उपभोक्ता की कोई गलती नहीं है, तो उसका बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऊर्जा क्षेत्र में किए गए सुधारों का वास्तविक लाभ अन्तिम उपभोक्ता तक पहुंचे, इसके लिए विश्वसनीय आपूर्ति, तकनीकी दक्षता और जवाबदेही को आधार बनाकर कार्य किया जाए। उन्होंने स्मार्ट मीटरिंग, लाइन लॉस में कमी, उपभोक्ता सेवाओं के डिजिटलीकरण तथा राजस्व संग्रह में सुधार को तेज करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री जी ने बिलिंग व भुगतान प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने पर बल देते हुए उपभोक्ताओं को समय पर और सटीक बिल उपलब्ध कराने के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को उपभोक्ता विश्वास के अनुरूप बनाने तथा शिकायतों के त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि ऊर्जा मंत्री एवं पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक स्वयं फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें और उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित व प्रभावी निराकरण सुनिश्चित कराएं। टोल फ्री हेल्पलाइन नम्बर पूरी तरह सक्रिय रहें तथा प्राप्त शिकायतों का समुचित और समयबद्ध समाधान किया जाए, ताकि आम उपभोक्ता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि प्रदेश में विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या वर्ष 2017 के 1.65 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2026 में 3.71 करोड़ से अधिक हो गई है, जो लगभग 126 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है। इसी अवधि में विद्युत भार में लगभग 80 प्रतिशत तथा ऊर्जा बिक्री में 63 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में कुल ऊर्जा बिक्री 1.27 लाख मिलियन यूनिट तथा कनेक्टेड लोड 84,000 मेगावाट से अधिक है। घरेलू उपभोक्ता कुल कनेक्शनों का 87 प्रतिशत हैं, जबकि राजस्व में वाणिज्यिक एवं औद्योगिक वर्ग का योगदान सर्वाधिक है। डिस्कॉम्स के प्रदर्शन में सुधार पर मुख्यमंत्री जी ने संतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि राष्ट्रीय रेटिंग में और सुधार सुनिश्चित किया जाए तथा वितरण अवसंरचना को और सुदृढ़ किया जाए।

मुख्यमंत्री जी ने ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया को और तेज किये जाने के निर्देश दिये, जिससे उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी न हो। जहां नए विद्युत पोल लगाए जा रहे हैं, वहां उनकी गहराई, केबल की गुणवत्ता एवं अन्य तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने बिजली लाइनों को चरणबद्ध रूप से भूमिगत किए जाने की प्रक्रिया को और व्यवस्थित एवं गति देने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री जी ने प्रिवेंटिव मेंटीनेंस को सुदृढ़ किये जाने की आवश्यकता के सम्बन्ध में कहा कि फॉल्ट-फ्री सप्लाई के लिए नियमित रखरखाव अनिवार्य है। बैठक में अवगत कराया गया कि प्री एवं पोस्ट मानसून अभियानों के परिणामस्वरूप वर्ष 2025-26 में पावर ट्रांसफॉर्मर क्षति में लगभग 80 प्रतिशत तथा बड़े वितरण ट्रांसफॉर्मरों की क्षति में लगभग 48 प्रतिशत की कमी आई है। स्मार्ट मीटरिंग एवं राजस्व सुधार की समीक्षा में बताया गया कि 84 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं तथा फीडर मीटरिंग में लगभग 95 प्रतिशत प्रगति हुई है।

मुख्यमंत्री जी ने ग्रामीण क्षेत्रों के संदर्भ में निर्देश दिए कि न्यूनतम 05 आवास वाले मजरों में भी विद्युतीकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही डबल ग्रुप सप्लाई एवं कृषि फीडर पृथक्करण के कार्यों को समयबद्ध पूर्ण किया जाए, ताकि ओवरलोडिंग की समस्या का समाधान हो सके। उन्होंने उपभोक्ता सेवाओं के अंतर्गत ‘1912’ कॉल सेंटर, ऑनलाइन पोर्टल, सोशल मीडिया एवं व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत निस्तारण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा सिंगल विंडो मॉडल को व्यापक स्तर पर लागू करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री जी ने उत्पादन क्षमता के संतुलित विस्तार पर जोर देते हुए सभी तापीय इकाइयों को पूर्ण क्षमता के साथ संचालित रखे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकालीन मांग के दृष्टिगत आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जाएं। उत्पादन से जुड़े सभी मुद्दों का समयबद्ध समाधान किया जाए। बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 12,247 मेगावाट तापीय तथा 526.4 मेगावाट जल विद्युत क्षमता उपलब्ध है तथा वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच 3,143 करोड़ रुपये का संचयी लाभ अर्जित किया गया है। घाटमपुर की 660 मेगावाट इकाई अप्रैल में संचालन प्रारंभ करेगी।

मुख्यमंत्री जी ने 5,600 मेगावाट की नई परियोजनाओं; मेजा, ओबरा-डी एवं अनपरा-ई को शीघ्र स्वीकृति देकर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही 500 मेगावाट सौर एवं 50 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने तथा न्यूक्लियर पावर के लिए चल रहे सर्वेक्षण को शीघ्र पूर्ण करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री जी ने नवीकरणीय ऊर्जा के सन्दर्भ में निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। ‘पी0एम0 सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के अंतर्गत 4.60 लाख से अधिक रूफटॉप (1,560 मेगावाट) स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि योजना का लाभ अधिकाधिक उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए। उन्होंने यूटिलिटी स्केल सौर एवं फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने पर बल देते हुए ‘पी0एम0 कुसुम योजना’ के अंतर्गत पम्पों के सोलराइजेशन को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जैव ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन एवं ई0वी0 क्षेत्र में प्रगति को गति देने तथा चार्जिंग स्टेशनों के विकास को समयबद्ध पूरा करने पर भी बल दिया। बिजली विजिलेंस की कार्रवाई में संवेदनशीलता की जरूरत बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी कोई कार्रवाई न हो, जिससे आम आदमी को परेशानी हो।
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