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शोध का लाभ आम जनमानस तक पहुँचे तभी उसकी उपयोगिता-राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल
लखनऊ : 09 अप्रैल, 2026 प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में आज जन भवन में हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय, कानपुर के कुलपति एवं अन्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक एवं प्रस्तुतीकरण सम्पन्न हुआ। बैठक में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागाध्यक्षों द्वारा अपने-अपने विभागों का प्रस्तुतीकरण किया गया तथा आगामी पांच वर्षों का विजन प्रस्तुत किया गया।
बैठक के दौरान विश्वविद्यालय में नामांकन, छात्रावासों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं, स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता, छात्रावासों की साफ-सफाई, योग एवं शोध गतिविधियां, फैकल्टी-विद्यार्थी अनुपात, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां, प्रोजेक्ट्स, प्लेसमेंट, रोजगार एवं शोध पत्रों आदि की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान राज्यपाल जी ने निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय के भवनों का निर्माण विद्यार्थियों की आवश्यकताओं एवं सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए बजट का प्रभावी एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करते हुए विद्यार्थियों को उसका वास्तविक लाभ प्रदान किया जाए।
राज्यपाल जी ने छात्रावासों में स्वच्छता एवं भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को पौष्टिक एवं स्वास्थ्यवर्धक भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा उन्हें बाहरी भोजन पर निर्भर होने से रोका जाए।
उन्होंने विश्वविद्यालय में किए जा रहे समस्त शोध कार्यों के पेटेंट कराने पर बल देते हुए कहा कि शोध की उपयोगिता तभी सिद्ध होती है जब उसका लाभ आम जनमानस तक पहुंचे। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रमुख शोध कार्यों एवं प्रोजेक्ट्स को संकलित कर पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाए तथा अन्य विश्वविद्यालयों के साथ साझा किया जाए, जिससे ज्ञान का आदान-प्रदान एवं परस्पर प्रेरणा को बढ़ावा मिल सके।
राज्यपाल जी ने कहा कि विभिन्न संस्थानों के साथ एमओयू के माध्यम से भी शोध कार्यों को आगे बढ़ाया जाए। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय के शोध एवं नवाचार कार्यों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने, समाचार पत्रों में प्रकाशन कराने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर जानकारी देने पर विशेष बल दिया, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक इनका लाभ पहुंच सके।
राज्यपाल जी ने विश्वविद्यालय में ग्रामीण छात्र-छात्राओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उनके लिए उपयोगी डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए, जिससे उन्हें कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
बैठक में विशेष कार्याधिकारी श्री राज्यपाल (अपर मुख्य सचिव स्तर) डॉ0 सुधीर महादेव बोबडे, विशेष कार्याधिकारी (शिक्षा) डॉ० पंकज एल० जानी, विश्वविद्यालय के कुलपति सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



