ऐसे मुददों को अन्ना हजारे को उठाना चाहिए। उन्हीं के दम का है कि उनके आन्दोलन के बाद आम जनता में भी विरोध की ज्वाला उठेगी और कुछ सकारात्मक होता दिखाई देगा। वरना तो ये ऐसे ही चलता रहेगा।
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एनपीपीए ने फोर्टिस अस्पताल की पोल खोलते हुए बताया है कि उसने कैसे डोटामिन नामक 28.35 रुपये वाली दवा के 287.50 रुपये, 36 रुपये वाली पैरासिटामाल के 310 रुपये, 15 रुपये वाली डिस्पोजल सिरिंज के 200 रुपये, 406 रुपये वाले मेरोपेनम इंजेक्शन के 3112 रुपये वसूले। पांच रुपये वाली स्टाप कॉक के तो उसने 106 रुपये वसूल कर 1700 फीसद मुनाफा वसूला।