अखिला उर्फ हदिया (Hadiya) हास्टल में समान्य छात्राओं की तरह रहेगी और उसके एडमीशन आदि में अगर कोई दिक्कत आती है तो कालेज की डीन कोर्ट को अवगत करा सकते हैं। इसके अलावा मुख्य मामले पर सुनवाई कोर्ट ने जनवरी के तीसरे सप्ताह तक टाल दी।
मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, एoएमo खानविल्कर और डीoवाईo चंद्रचूड़ की पीठ खचाखच भरी अदालत में मामले की सुनवाई करने बैठी। कोर्ट के आदेश पर पुलिस कर्मियों से घिरी अखिला उर्फ हदिया (Hadiya) और उसके माता पिता भी अदालत में मौजूद थे।
पिता की मांग थी कि खुली अदालत में नहीं बल्कि माo न्यायालय अखिला से चैम्बर के अंदर बात करे। जबकि अखिला उर्फ हदिया (Hadiya) के पति और याचिकाकर्ता शैफीन जहां के वकील कपिल सिब्बल की मांग थी कि लड़की बालिग है। कोर्ट ने उसकी इच्छा जानने के लिए उसे बुलाया है ऐसे में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले कोर्ट उससे सीधे बात करे।
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