अखिला उर्फ हदिया (Hadiya) से खुली अदालत में बात की जाए या न की जाए इस पर एक घंटे से ज्यादा बहस हुई और अंत में कोर्ट ने अखिला उर्फ हदिया (Hadiya) से बात करनी शुरू की। हादिया को अंग्रेजी नही आती थी इसलिए एक वरिष्ठ वकील ने अनुवादक का काम किया।
दिल्ली आने से पहले कोच्ची में हदिया (Hadiya) ने कहा था कि उसे किसी ने भी धर्म परिवर्तन करने पर मजबूर नहीं किया था। वह अपने पति शैफीन जहां के पास जाना चाहती है।
सुरक्षाकर्मियों के साथ हदिया (Hadiya) और उसके पिता के0एम0 अशोकन दिल्ली पहुंचे थे। सुप्रीम कोर्ट ने 30 अक्टूबर को हदिया (Hadiya) के पिता को अपनी बेटी को 27 नवंबर को पेश करने के लिए कहा था। कोर्ट हदिया के पिता की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें वो अपनी बेटी की मुस्लिम युवक से शादी का विरोध करते हुए इसे लव जिहाद बता रहे हैंं।
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