अखिला से बदलकर हदिया (Hadiya) रखा नाम
जसीला के पिता अबुबकर ने उसका एडमिशन एक इस्लाम सभा में करवाया। वहां उसका नाम अखिला से बदलकर हदिया रखा गया। अखिला एक मरकजुल हिदया सत्या सारणी नामक मुस्लिम संस्था से मिली। यह संस्था केरल के मलप्पुरम जिले में है। सत्य सारणी के जरिए अखिला एक सैनबा नामक महिला से मिली। वह पीएफआई पार्टी की अध्यक्ष थी।
बेटी को बहकाने का लगाया आरोप
सैनबा ने अखिला से हदिया के नाम पर बने एक प्रमाणपत्र पर साइन कराए। जनवरी 2016 में अखिला ने अपने पिता को पत्र लिखकर कानूनी तरीके से धर्म परिवर्तन करने की बात बताई। इसके बाद उसके पिता ने कोर्ट में याचिका दायर करके अबुबकर पर उनकी बेटी को बहकाने का आरोप लगाया।
सुप्रीम कोर्ट ने NIA को दिए थे जांच के आदेश
दिसंबर 2016 में उसकी शादी शैफीन जहां नामक शख्स से हो गई। वह मस्कट की एक कंपनी में मैनेजर था। 21 दिसंबर, 2016 को हादिया पति के साथ हाईकोर्ट के सामने आई। लेकिन कोर्ट ने उसे हॉस्टल भेज दिया।
24 मई, 2017 को हाईकोर्ट ने शादी खारिज कर दी। उसके पति ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी को जांच के आदेश दिए थे।
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