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पंचतंत्र

PanchTantra की कहानी-King & Damanak भाग-20

अब पिंगलक ने सोचा, "लगता तो यही है। क्यों ना इसे अपनी समस्या सुना ही दूं। कहते हैं यदि मनुष्य अपने पक्के मित्र से, गुणी सेवक से अपना दुख प्रगट कर दे तो मन कुछ हल्का हो जाता है। फिर उसने दमनक को संबोधित करके कहा,"दमनक, तुम्हें दूर से आती…

PanchTantra की कहानी-King & Damanak भाग-19

पिंगलक ने उसे उकसाया, तो फिर वही कहो ना। इतना घुमा-फिरा कर कहने का क्या मतलब है। गतांक-18 से आगे भाग-19:— पर दमनक तो दमनक। वह शुक्र और बृहस्पति के हवाला दिए बिना नीति की बात भला कैसे कर सकता था। बोला, महाराज, बृहस्पति का कहना है कि यदि…

PanchTantra की कहानी-King & Damanak भाग-18

पंचतंत्र के बेकार का पचड़ा भाग-17 में आपने पढ़ा कि …….. Damanak ने बताया कि महाराज, योग्य लोग तो कहीं भी पैदा हों, अपनी योग्यता से दुनिया को यह बात और दिखा ही देते हैं कि वे क्या हैं। अब इससे आगे पढ़िए, भाग-18 ………… Damanak बोला, जन्म से…

PanchTantra की कहानी-King & Damanak भाग-17

Damanak ने सच्चे सेवक की सेवा शर्तों में यह भी जोड़ दिया कि उसे न तो काम के समय भूख लगनी चाहिए, न प्यास, न सर्दी, न गर्मी, न थकान, न नींद। भूख प्यास लागै नहीं नींद जाको आय। शीत ताप व्यापैं नहीं, वह सेवक फल पाय। या तो वह इतने प्राचीन काल में…

PanchTantra की कहानी-King & Damanak भाग-16

Damanak कहता जा रहा था, राजा अपने सेवकों से प्रसन्न होगा तो अधिक से अधिक उन्हें क्या देगा? पैसा ही न? पर राजा से आदर पाने वाले सेवक तो राजा के लिए अपने प्राण तक दे देते हैं। अब Damanak बहाने-बहाने से अपनी धाक भी जमाने लगा, राजा को यह सब सोच…

PanchTantra की कहानी-King & Damanak भाग-15

पंचतंत्र के बेकार का पचड़ा भाग-14 में आपने पढ़ा कि …….. Damanak देख रहा था कि उससे कुछ बेअदबी हो रही है पर इस समय उसकी बात का असर हो रहा था। बात सूक्तियों के बहाने कही जा रही थी। King पिंगलक इसकी काट करता या इस पर चिढ़ता तो इससे उसकी…

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PanchTantra की कहानी-King-Pinglak भाग-14

पंचतंत्र के बेकार का पचड़ा भाग-13 में आपने पढ़ा कि …….. कहा तो यह भी गया है कि चाहे King कितने भी संपन्न हो, कितना भी कुलीन हो और चाहे उसे King का पद अपनी वंश-परंपरा से ही क्यों न मिला हो, यदि King गुण की परख नहीं कर पाता है या जानते हुए…

PanchTantra की कहानी-King-Pinglak भाग-13

पंचतंत्र के बेकार का पचड़ा भाग-12 में आपने पढ़ा कि …….. जब करटक ने भी हामी भर दी, दमनक उसे प्रणाम करके King-Pinglak की ओर चला। दमनक को अपनी ओर आते देख कर King-Pinglak ने द्वारपाल को आदेश दिया, मेरे पुराने मंत्री के पुत्र दमनक आ रहे हैं।…

PanchTantra की कहानी-बेकार का पचड़ा-भाग-12

पंचतंत्र के बेकार का पचड़ा भाग-11 में आपने पढ़ा कि …….. राजा (King)का पद उसी तरह दुर्लभ है जैसे ब्रह्मतेज की प्राप्ति। ब्रह्मत्व की साधना और राजसत्ता की प्रितस्पर्धा में तनिक भी चूक होने पर सब कुछ गड़बड़ हो जाता है। और इनमें एक और समानता…

PanchTantra की कहानी-बेकार का पचड़ा-भाग-11

पंचतंत्र के बेकार का पचड़ा भाग-10 में आपने पढ़ा कि …….. पिता के संपर्क में रह कर जो कुछ मैंने सीखा है उसका एक भेद यही है कि जो बिना अवसर के ही कोई बात कह बैठता है वह यदि बृहस्पति की तरह परम विद्वान हो तो भी उसका अपमान होकर ही रहता है। अब…

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