धोखा-धड़ी

Aadhar की जानकारी सार्वजनिक करना धोखाधड़ी है

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केंद्र और राज्य सरकार की 200 से अधिक वेबसाइटों ने Aadhar लाभार्थियों के नाम और पते जैसी जानकारियां सार्वजनिक कर दीं। ऐसा किस लालच में इन विभागों ने किया निश्चित रूप से गहन जॉच का विषय है। इस मसले पर भारत के सर्वोच्च न्यायलय को भी स्वत: सज्ञान लेना चाहिए।

Aadhar-Card for discloser
Aadhar-Card for discloser

हमारी ओर से Aadhar ब्योरे को कभी सार्वजनिक नहीं किया गया। हम डाटा सुरक्षा के लिए लगातार अपने तंत्र को उन्नत कर रहे हैं —    —यूआईडीएआई

‘सरकारी वेबसाइटों पर जाहिर की गईं Aadhar जानकारियां हटवा दी गई हैं– यूआईडीएआई

यूआईडीएआई ने एक आरटीआई के जवाब में कहा कि उसने इस उल्लंघन पर संज्ञान लिया है और इन वेबसाइटों से जानकारियां हटवा दी हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि यह उल्लंघन कब हुआ।

यूआईडीएआई 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या Aadhar जारी करता है, जो देश में कहीं भी पहचान और घर के पते का सबूत होती है।

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