पंजाब नेशनल बैंक में नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की ओर से किए गए 14,600 करोड़ रुपए के महाघोटाले का शोर अभी थमा भी नहीं था कि एक और घोटाला सामने आ गया। इस बार घोटाले का मुख्य शिकार भारतीय स्टेट बैंक (SBI) बना है।
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दरअसल ये शिकार नहीं बने हैं, बल्कि ये बहुत बड़े शिकारी हैं, जो शिकार से ही शिकार कराकर गोस्त खा रहे हैं। एक विद्वान का तो कहना है कि इस तरह का घोटाला बैंकों की मिलीभगत से करके ही विदेश भगाये जा रहे हैं।
ऐसे ही लोग भारत की राजनैतिक पार्टी को विदेशी चन्दा देते हैं, इसीलिए बैंकों को लगने वाली इस हजारों करोड़ के चपत की भरपाई भारत की सरकारें करती हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वो कांग्रेस की सरकार है अथवा भाजपा की।