उत्तराखंड

उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई

बनवसा पिथौरागढ़ में आयोजित बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय

उत्तराखंड कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय
उत्तराखंड कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में एनएचपीसी बनबसा, चम्पावत में मंत्रिमंडल की बैठक

देहरादून :4 अक्टूबर।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार को एनएचपीसी बनबसा, चम्पावत में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्यहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर अनुमोदन प्रदान किया गया। मंत्रिमंडल ने वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों के तकनीकी परीक्षण, ऑनलाइन संरेखण परीक्षण तथा नोडल कार्यालय को सुदृढ़ करने के लिए नोडल अधिकारी, वन संरक्षण के कार्यालय में परियोजना प्रबंधन इकाई के गठन और छह पदों की स्वीकृति प्रदान की।
भूमि अधिकार एवं एयरपोर्ट विस्तार: मंत्रिमंडल ने वर्ग-3 एवं वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों/कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने, लालकुआं (नैनीताल) में संक्रमणीय भूमिधर अधिकार तथा जौनसार-बावर (देहरादून) में वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण को मंजूरी दी। विनियमितीकरण एक वर्ष के लिए वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर और इसके बाद प्रचलित सर्किल रेट से होगा। साथ ही, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पंतनगर के विस्तारीकरण से संबंधित हस्तांतरित परिसंपत्तियों के लिए उत्तराखण्ड सीड्स एण्ड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को ₹66.2916 करोड़ की अवशेष धनराशि अवमुक्त करने को मंजूरी दी गई।
पारदर्शिता एवं वित्तीय प्रबंधन: संपत्ति के क्रय-विक्रय से जुड़े लेन-देन में क्रेता-विक्रेता एवं अन्य पक्षकारों द्वारा उपलब्ध कराए गए पेन ( पीएएन) के सत्यापन की व्यवस्था लागू करने को मंजूरी दी गई। इससे फर्जी अथवा गलत पेन के उपयोग पर रोक और आयकर विभाग को रिपोर्टिंग में डेटा की शुद्धता सुनिश्चित होगी। मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी, जिसके तहत 2026-27 से 2030-31 तक वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा के 3 प्रतिशत तथा संचयी ऋण की अधिकतम सीमा 30 प्रतिशत निर्धारित की गई है। आपदा एवं सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों में नियमानुसार छूट का प्रावधान रहेगा।
वन प्रशासन एवं स्थानीय निकाय: वन विभाग के विभागाध्यक्ष संबंधी व्यवस्था में संशोधन को मंजूरी देते हुए निदेशक, नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व को विभागाध्यक्ष की सूची से हटाकर मुख्य वन संरक्षक, कुमाऊँ, नैनीताल एवं मुख्य वन संरक्षक, गढ़वाल, पौड़ी को विभागाध्यक्ष घोषित किया जाएगा। इससे वनाग्नि, दैवीय आपदा, बाढ़ नियंत्रण एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई में मदद मिलेगी। साथ ही, छठवें राज्य वित्त आयोग की पंचायतीराज संस्थाओं एवं शहरी स्थानीय निकायों से संबंधित रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई। आयोग ने 2026-27 से 2030-31 तक स्थानीय निकायों को राज्य के शुद्ध कर राजस्व से अंतरण तथा वित्तीय-प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर संस्तुतियां दी हैं।
न्याय एवं प्रशासनिक नियमों में संशोधन: मंत्रिमंडल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 19(3) लागू करने संबंधी अधिसूचना को मंजूरी दी, जिसके तहत निर्धारित परिस्थितियों में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा राज्य सरकार को 14 दिन की सूचना के बाद किसी अन्य व्यक्ति को सहायक लोक अभियोजक नियुक्त किया जा सकेगा। उत्तराखण्ड राज्य कर्मचारियों की आचरण (संशोधन) नियमावली, 2026 को भी मंजूरी दी गई, जिसमें कर्मचारियों की चल-अचल एवं बहुमूल्य संपत्ति संबंधी प्रावधानों को अद्यतन करने तथा नियम 15 के हिन्दी अनुवाद की त्रुटि दूर करने का प्रावधान है। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अनुरूप सतर्कता अधिष्ठान से संबंधित वर्ष 1965 की अधिसूचना में आवश्यक संशोधनों को भी स्वीकृति दी गई।
भर्ती एवं लोक सेवा आयोग संबंधी निर्णय: मंत्रिमंडल ने राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के पदों पर साक्षात्कार प्रक्रिया विखण्डन (संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी दी। इसके तहत जिला युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल अधिकारी के पद को संबंधित परिशिष्ट से हटाया जाएगा तथा उप कारापाल के पद पर शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं लिखित परीक्षा होने के कारण साक्षात्कार समाप्त किया जाएगा। साथ ही, उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग (कृत्यों का परिसीमन) (संशोधन) विनियम, 2026 को मंजूरी देते हुए जिला युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल अधिकारी के पद को आयोग के परिशिष्ट से बाहर किया जाएगा, क्योंकि सेवा नियमावली के अनुसार यह राजपत्रित समूह ‘ख’ का पद है।

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