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जीवन जीने की कला है Yoga : डॉ नीलम महेन्द्र

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यहाँ यह जानना भी रोचक होगा कि जब 2014 में यूनाइटेड नेशंस जनरल एसेम्बली में भारत की ओर से इसका प्रारूप प्रस्तुत किया गया था, तो कुल 193 सदस्यों में से इसे 177 सदस्य देशों का समर्थन प्राप्त हुआ था। तब से हर साल 21 जून की तारीख ने इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए एक विशेष स्थान हासिल कर लिया है।

लेकिन क्या हम जानते हैं कि भारतीय योग की पताका सम्पूर्ण विश्व में फैलाने के लिए 21 जून की तारीख़ ही क्यों चुनी गई? यह महज़ एक इत्तेफाक़ है या फिर इसके पीछे कोई वैज्ञानिकता है? तो यह जानना दिलचस्प होगा कि 21 जून की तारीख़ चुनने के पीछे कई ठोस कारण हैं।

यह तो हम सभी जानते हैं कि उत्तरी गोलार्ध पर यह पृथ्वी का सबसे बड़ा दिन होता है, तथा इसी दिन से सूर्य अपनी स्थिति बदल कर दक्षिणायन होता है। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात है, कि यही वो दिन था जब आदि गुरु भगवान शिव ने योग का ज्ञान सप्तऋषियों को दिया था।

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