खबर प्रकाशित हुए पांच दिन होने को आये, लेकिन मजाल है कि आधार नम्बर को पूरे हिन्दुस्तान में आवश्यक बनाने वाली ऐजेन्सी के सीईओ पाण्डे जी इस पर कोई कार्रवाई करा पायें। आजतक उनके विभाग का मौजूद नहीं है कि ही रट लगा रहा है। क्या होगा इस देश का? आधार की ही दूसरी विण्डो जो बायोमैट्रिक अपडेशन के लिए बनाई गई है, वह भी काम नहीं करती। हमेशा टेक्नीकल एरर ही बताती रहती है। हॉं ओटीपी जरूर दनादन चले आते हैं, जो किसी मतलब के नहीं रहते। क्योंकि उससे आगे की प्रक्रिया आप पूरी नहीं कर सकते। टेक्नीकल एरर है।
Toll Free No. 1947 – मौजूद नहीं है। कृपया नम्बर चेक कर लें। ये उत्तर सुनाई देगा। जो आपके लिए आश्चर्य से कम नहीं। और विभाग को डूब मरने के लिए काफी है। भारत सरकार की आंखें इस नम्बर को मिलाने के बाद भी ना खुलें तो आश्चर्य कैसा।
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आधार नम्बर को जारी करने और देश के प्रत्येक नागरिक का जिसका आधार नम्बर जारी किया जायेगा उसका हिसाब-किताब रखने के लिए एक सरकारी विभाग बनाया गया है। जिसे UIDAI (यूआईडीएआई) के नाम से जाना जाता है। जिसका पूरा मतलब है।