उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही यह कानून का रूप लेगा लेकिन हमने अपनी इच्छा राष्ट्रपति तक पहुंचाने की कोशिश की है। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि इस कानून के बनने के बाद देश के दूसरे राज्य भी इसको लेकर आगे बढ़ेंगे और खुद केन्द्र सरकार भी कानून में बदलाव कर एक कठोर कानून बना सकती है।
वर्ष 2016 की राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में बच्चों के खिलाफ अपराधों में तेजी से वृद्धि हुई है। देशभर में 98 हजार 344 बच्चों के दर्ज अपराधों में से Rajasthan में 4 हजार 34 मामले रजिस्टर हैं जो 3.8 फीसदी है। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में Rajasthan चौथे नंबर पर है।
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