आप मुझे बताइये इस प्रकार से स्वंय को प्रधानमंत्री घोषित कर देना यह अहंकार सातवें आसमान पर पहुंचा है, इसका सबूत है या नहीं? मैं आपसे पूछता हूं कि यह नामदार का अहंकार सातवें आसमान पर पहुंचा है या नहीं?
ये अहंकारी नामदार का पीएम का उम्मीदवार घोषित करना, यह कांग्रेस की आंतरिक लोकशाही की पोल खोल देता है या नहीं? इतना ही नहीं, मोदी हटाने के लिए गठबंधन करने के लिए मीटिंग चल रही है, बड़े दिग्गजों के पैर पकड़े जा रहे हैं, सबको अनदेखा कर पीएम कैंडिडेट घोषित कर देना यह कितना बड़ा अविश्वास है।
पीएम ने कहा कि जिस नामदार को गठबंधन के साथी पर भरोसा न हो, सीनियर नेताओँ की तवज्जो न हो, जिस नामदार को कांग्रेस के आंतरिक लोकतंत्र से लेना देना न हो, जो खुलेआम अपनी मर्जी से पीएम कैंडिडेट घोषित कर दे, क्या अपरिपक्व नामदार को जनता माफ करेगी?
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