इससे पहले चुनाव आयोग ने मिल्ली मुस्लिम लीग (MML) के एक राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण के लिए आवेदन को खारिज कर दिया था क्योंकि आंतरिक मंत्रालय ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के साथ उसके संबंधों पर आपत्ति जताई थी।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय में आतंकवाद-निरोध समन्वयक नाथन ए. सेल्स ने कहा, ‘MML (मिल्ली मुस्लिम लीग) और टीएजेके दोनों ही लश्कर-ए-तैयबा के मोर्चा हैं और इनका गठन संगठन पर लगे प्रतिबंधों से बचने के लिए किया गया है।

आज के संशोधनों का लक्ष्य प्रतिबंधों से बचने के लश्कर-ए-तैयबा के रास्तों को बंद करना और उसके झूठे चरित्र को लोगों के सामने लाना है।

सेल्स ने कहा, कृपया आप दिग्भ्रमित ना हों। लश्कर-ए-तैयबा चाहे कोई भी नाम बदल ले, वह हमेशा हिंसक आतंकवादी संगठन ही रहेगा। अमेरिका उन सभी कदमों का समर्थन करता है, जो यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हिंसा का रास्ता पूरी तरह छोड़ने तक लश्कर-ए-तैयबा को कोई राजनीतिक मंच/आवाज ना मिले।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.