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इण्डियन स्टील एसोसिएशन द्वारा आयोजित ‘इन्फ्राबिल्ड समिट-2023’

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन हुए है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। आज राज्य ‘नए भारत के नए उत्तर प्रदेश’ के रूप में भारत की विकास यात्रा का अभिन्न हिस्सा बना है।

उत्तर प्रदेश देश के विकास के ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है। राज्य ने ईज़ ऑफ डुइंग बिजनेस में एक लंबी छलांग लगाई है। प्रदेश में निवेश की सम्भावनाओें को साकार करने के लिए कानून-व्यवस्था की स्थापना के साथ ही, सुरक्षा का वातावरण बनाया गया है। इसके परिणामस्वरूप विगत 06 वर्षों में प्रदेश में एक भी दंगा नहीं हुआ। कहीं किसी प्रकार की कोई अराजकता नहीं है। सभी पर्व और त्योहार शान्तिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री आज यहां इण्डियन स्टील एसोसिएशन द्वारा आयोजित ‘इन्फ्राबिल्ड समिट-2023’ के शुभारम्भ के अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने इण्डियन स्टील एसोसिएशन तथा डेलाॅयट इण्डिया द्वारा बनायी गई नाॅलेज रिपोर्ट ‘अनलाॅकिंग स्टील पोटेंशियल इन इण्डियन बिल्डिंग एण्ड कन्सट्रक्शन इण्डस्ट्री’ को जारी किया।

मुख्यमंत्री जी ने इण्डियन स्टील एसोसिएशन द्वारा इन्फ्राबिल्ड समिट का आयोजन देश में सर्वाधिक संभावनाओं वाले प्रदेश उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। ज्ञातव्य है कि शुभारम्भ सत्र की थीम ‘ट्रांसफार्मिंग कंसट्रक्शन एण्ड इन्फ्रा लैण्डस्केप-एक्सीलेरेटिंग ग्रोथ इन उत्तर प्रदेश एण्ड उत्तराखण्ड’ थी।

मुख्यमंत्री ने देश की सर्वाधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में सभी उद्यमियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज देश का सबसे बड़ा सिंगल विंडो प्लेटफाॅर्म निवेश मित्र प्रदेश में है। राज्य सरकार ने 25 सेक्टोरल पॉलिसीज बनाई है। प्रदेश सरकार के साथ होने वाले किसी भी एम0ओ0यू0 की निगरानी के लिए निवेश सारथी पोर्टल कार्य कर रहा है। किसी भी निवेशक द्वारा किए गए निवेश के लिए शासन से मिलने वाले इन्सेन्टिव के लिए भी प्रदेश सरकार ने ऑनलाइन व्यवस्था की है। उत्तर प्रदेश आज इन सभी कार्यक्रमों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण प्रदेश है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आबादी का हर पांचवा व्यक्ति उत्तर प्रदेश में निवास करता है। प्रदेश की आबादी 25 करोड़ है। यह देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार तथा श्रम बाजार है। विगत 06 वर्षों में उत्तर प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के अनेक कार्य हुए हैं। प्रदेश में 13 वर्तमान या प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे हैं। इससे उत्तर प्रदेश की पहचान एक्सप्रेस-वे स्टेट के रूप में हो रही है। सभी एक्सप्रेस-वे निर्धारित समय सीमा में बनाए गए हैं।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का कार्य प्रारम्भ होने के कुछ ही समय बाद सदी की सबसे बड़ी महामारी आई थी। इसके बावजूद समय से राजधानी लखनऊ को राज्य के पूर्वी अंचल से जोड़ने के लिए कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया था। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे बनने के बाद अब लखनऊ से पटना की यात्रा 05 घण्टे में पूरी की जा सकती है। एक्सप्रेस-वे के माध्यम से दिल्ली से पटना 09 घण्टे में पहुंचा जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र उत्तर प्रदेश का आर्थिक रूप से सबसे विपन्न क्षेत्र माना जाता था। यह बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के माध्यम से जुड़ चुका है। आज दिल्ली से चित्रकूट की यात्रा 05 घण्टे में पूरी की जा सकती है। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे बुन्देलखण्ड के सभी जनपदों को आपस में जोड़ता है। प्रदेश में जनपद मेरठ से प्रयागराज के बीच गंगा एक्सप्रेस-वे पर तेजी के साथ कार्य चल रहा है। वर्तमान में मेरठ से प्रयागराज जाने में 12 से 14 घंटे लगते हैं।

एक्सप्रेस-वे बनने के बाद इस दूरी को मात्र 06 घण्टे में पूरा किया जा सकेगा। वर्ष 2025 तक गंगा एक्सप्रेस-वे का कार्य पूरा हो जाएगा। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे प्रदेश में नई संभावनाओं को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में नए एक्सप्रेस-वे के साथ  विकास के कार्यों को तेजी के साथ आगे बढ़ाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की इण्टर स्टेट कनेक्टिविटी को बेहतर किया गया है। नेपाल से जुड़ी हुई प्रदेश की 570 किलोमीटर की सीमा के साथ ही, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखण्ड तथा दिल्ली से जुड़ी कनेक्टिविटी को फोरलेन में बदलने का कार्य किया गया है। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों को फोरलेन से जोड़ा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेन्ट के कार्य किए गए हैं। प्रदेश में 04 लाख किलोमीटर सड़कों के पूरे तंत्र को सुदृढ़ करने का कार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भारतीय रेल का सबसे बड़ा नेटवर्क है। ईस्टर्न तथा वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर उत्तर प्रदेश से गुजरते हैं। इसने उत्तर प्रदेश में नई संभावनाओं को आगे बढ़ाया है। दोनों डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन उत्तर प्रदेश के दादरी में है। यहां पर मल्टी मोडल लॉजिस्टिक हब के निर्माण तथा बोडाकी में मल्टी मोडल ट्रांसपोर्ट हब की स्थापना का कार्य भी युद्धस्तर पर आगे बढ़ चुका है। देश का पहला इन्लैण्ड वॉटर-वे जनपद वाराणसी से हल्दिया के मध्य प्रारम्भ हो चुका है। जनपद वाराणसी में मल्टी मोडल टर्मिनल की स्थापना की कार्रवाई भी युद्ध स्तर पर आगे बढ़ाई जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की एयर कनेक्टिविटी बेहतर हो चुकी है। वर्ष 2017 के पूर्व उत्तर प्रदेश में मात्र दो एयरपोर्ट क्रियाशील थे। वर्तमान में प्रदेश में 09 एयरपोर्ट पूरी तरह क्रियाशील हैं। इनमें तीन इण्टरनेशनल एयरपोर्ट शामिल हैं। इस वर्ष के अंत तक प्रदेश में 10 नए एयरपोर्ट क्रियाशील कर दिए जाएंगे, जिनमें जनपद अयोध्या तथा एन0सी0आर0 में नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट दो नए इण्टरनेशनल एयरपोर्ट भी शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हाउसिंग के क्षेत्र में भी अनेक सम्भावनाओं को आगे बढ़ाया गया है। प्रदेश सरकार ने भारत सरकार के सहयोग से 55 लाख गरीब परिवारों को एक-एक आवास विगत 06 वर्षों में उपलब्ध कराए हैं। उत्तर प्रदेश ‘एक जनपद एक मेडिकल कॉलेज’ की दिशा में आगे बढ़ चुका है। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में एक-एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी उद्यमी प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश को देश के ग्रोथ इंजन के रूप में स्थापित करने में अपनी भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं। प्रदेश सरकार इसमें हर प्रकार का सहयोग करने के लिए  तत्पर है। आज इण्डियन स्टील एसोसिएशन प्रदेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। उत्तर प्रदेश आपके हर सुझाव का स्वागत करेगा तथा इसमें पूरा सहयोग करेगा। इस क्षेत्र में अनेक निवेशकों ने उत्तर प्रदेश में अच्छा कार्य किया है। इनमें भूषण स्टील, गैलेंट स्टील, रिमझिम स्टील तथा अंकुर उद्योग सहित अनेक नए निवेशक उत्तर प्रदेश की सम्भावनाओं को आगे बढ़ा रहे हैं।

मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश के श्रम बाजार तथा उपभोक्ता बाजार को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की सम्भावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए सभी उद्यमियों का सहयोग मिलेगा। उत्तर प्रदेश की आबादी 25 करोड़ है, लेकिन उत्तर प्रदेश इससे भी बड़ा बाजार है। पड़ोसी राज्यों की बड़ी आबादी तथा नेपाल राष्ट्र की बड़ी आबादी अपने रोजगार तथा व्यापार के लिए उत्तर प्रदेश पर निर्भर है। मुख्यमंत्री जी ने सभी उद्यमियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनके द्वारा किए जाने वाले निवेश को प्रदेश सरकार पूरी सुरक्षा देगी तथा अपना सहयोग भी देगी।

इस अवसर पर इण्डियन स्टील एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री दिलीप ओमेन ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता के लक्ष्य की प्राप्ति की ओर अग्रसर है। इसमें उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में राज्य के विकास के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। भारत को 05 ट्रिलियन डाॅलर की इकोनाॅमी बनाने के लक्ष्य की पूर्ति के लिए प्रदेश सरकार ने राज्य की इकोनाॅमी को 01 ट्रिलियन डाॅलर बनाने का संकल्प लिया है। निर्माण उद्योग के लिए स्टील मुख्य भूमिका निभाता है। उत्तर प्रदेश तेजी से विकास करती अर्थव्यवस्था है। यहां स्टील उपयोगकर्ता तथा स्टील उत्पादनकर्ताओं की दृष्टि से स्टील उद्योग के लिए अनेक सम्भावनाएं हैं।

इस अवसर पर औद्योगिक विकास मंत्री श्री नन्दगोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, मुख्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्र, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री मनोज कुमार सिंह, सलाहकार मुख्यमंत्री श्री अवनीश कुमार अवस्थी, स्टील अथाॅरिटी आॅफ इण्डिया के चेयरमैन श्री अमरेन्दु प्रकाश, जे0एस0डब्ल्यू0 के जे0एम0डी0 श्री जयन्त आचार्य, टाटा स्टील लाँग प्रोडक्ट्स लिमिटेड के एम0डी0 श्री आशीष अनुपम सहित उद्यमी उपस्थित थे।

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