ऐसा सोचने के कई कारण हैं कि इस प्रकार के विवादों को Bhansali जानबूझकर आमंत्रित करते हैं क्योंकि इन विवादों से उनकी फिल्म को पूरे देश में मुफ्त की वो पब्लिसिटि मिल जाती है जिसे हासिल करने के लिए न सिर्फ करोड़ों रुपये खर्च करने पड़ते हैं बल्कि फिल्म की कास्ट के साथ शहर-शहर की ख़ाक भी छाननी पड़ती है।
लेकिन अखबारों और न्यूज़ चैनलों की हेडलाइन बनने वाली एक विवादित फिल्म देखने के लिए निश्चित ही दर्शकों की भीड़ उमड़ेगी और कमाई के सभी रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर देगी। क्योंकि अगर विवाद की तह में जाएंगे तो पता चलता है कि जब फिल्म का निर्माण आरंभ हुआ था, तभी राजपूत संगठनों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया था।
अगर Bhansali चाहते तो उसी वक्त फिल्म की स्क्रिप्ट समझाकर उन्हें भरोसे में लेकर विवाद वहीं खत्म कर सकते थे। लेकिन उनकी ओर से राजपूत समाज के संशय दूर करने की कोई भी कोशिश नहीं की गई।
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