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इण्डिया (उ.प्र.)-यू0एस0: निवेश के नए युग का सूत्रपात

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इण्डिया-यू0एस0 सम्बन्धों के नए युग की शुरुआत हुई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री के  नेतृत्व में इण्डिया दुनिया की उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ रहा है। उनकी इच्छा है कि उत्तर प्रदेश तेजी से आर्थिक विकास के पथ पर आगे बढ़े। इण्डिया-यू0एस0 सम्बन्धों को और मजबूत करने में उत्तर प्रदेश की सुदृढ़ अर्थव्यवस्था बैकबोन का काम करेगी। प्रदेश सरकार राज्य में निवेश फ्रैण्डली माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

India-US Relation

इस हेतु निवेशकों को बिजली आपूर्ति, बेहतर रोड कनेक्टिविटी जैसी आवश्यक जरूरी बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ सुदृढ़ कानून व्यवस्था का वातावरण भी उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री से शास्त्री भवन में यू0एस0-इण्डिया स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप फोरम के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की। इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री, सिद्धार्थनाथ सिंह भी मौजूद थे।
बोइंग इण्डिया के प्रेसिडेण्ट, प्रत्यूष कुमार के नेतृत्व में प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों ने प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के आर्थिक विकास हेतु उठाए गए कदमों की प्रशंसा की। प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों ने राज्य में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, फार्मास्युटिकल, जल संचयन, स्वच्छता, ग्राम्य विकास, अपशिष्ट प्रबन्धन, कृषि, दुग्ध विकास, पशुधन विकास, स्मार्ट सिटी, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, साॅफ्टवेयर टेक्नोलाॅजी, यातायात, नवीकरणीय ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण आदि क्षेत्रों में निवेश करने में अपनी रुचि प्रदर्शित करते हुए प्रदेश सरकार से सहयोग किए जाने का अनुरोध किया।
योगी जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश एक बहुत बड़ा राज्य है। यहां की जनसंख्या 22 करोड़ है, जो प्रदेश को देश का सबसे बड़ा बाजार भी बनाती है। मध्यम वर्ग में हो रही वृद्धि के फलस्वरूप प्रदेश में सभी क्षेत्रों में निवेश व कारोबार की अपार सम्भावनाएं हैं। राज्य में ऊर्जा, बुनियादी ढांचे का विकास, स्मार्ट सिटी का विकास, आई0टी0, इलेक्ट्राॅनिक्स,  नवीकरणीय ऊर्जा आदि क्षेत्रों में वृहद अवसर मौजूद हैं। यू0एस0 की कम्पनियों द्वारा प्रदेश में निवेश किए जाने से औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस दृष्टि से राज्य सरकार द्वारा लागू की गई नई उद्योग नीति अत्यन्त उपयोगी सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने निवेशकों एवं उद्यमियों की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में एक सिंगल विण्डो-सिस्टम स्थापित किया है।

खैर!

निवेशकों को कई कार्यालयों के स्थान पर एक ही कार्यालय में समयबद्ध ढंग से निवेश सम्बन्धी सुविधाएं एवं अनुमतियां उपलब्ध कराई जाने का आश्वाशन दिया गया हैै। । राज्य सरकार निवेशकों को प्रदेश में निवेश का अवसर देने के लिए तत्पर है। उन्होंने प्रतिनिधिमण्डल को आश्वस्त किया कि निवेश के दौरान निवेशकों को शासन-प्रशासन सभी स्तरों पर सकारात्मक और रचनात्मक वातावरण मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पूर्वांचल एवं बुन्देलखण्ड 02 नए एक्सप्रेस-वे बनाए जा रहे हैं।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, लखनऊ से गाजीपुर तक जाएगा। साथ ही, वाराणसी, अयोध्या एवं गोरखपुर को जोड़ेगा। इसी प्रकार बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे आगरा, झांसी, चित्रकूट होते हुए बुन्देलखण्ड तक जाएगा। दोनों ही एक्सप्रेस-वे के साथ औद्योगिक गलियारा भी बनाया जाएगा। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर इस वर्ष के अन्त तक तथा बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे पर अगले वर्ष माह मार्च-अप्रैल तक कार्य शुरू हो जाएगा।
योगी जी ने कहा कि राज्य के 03 नगरों-लखनऊ, गाजियाबाद एवं नोएडा में मेट्रो रेल के विस्तार का कार्य संचालित है। जल्द ही 03 अन्य शहरों में भी मेट्रो रेल का कार्य शुरू हो जाएगा। साथ ही, राज्य सरकार पब्लिक ट्रान्सपोर्ट सिस्टम के अन्य सस्ते, अच्छे और टिकाऊ विकल्प पर भी विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए रीजनल एयर कनेक्टिविटी आवश्यक है। इस पर भी राज्य सरकार तेजी से कार्य कर रही है।
प्रतिनिधिमण्डल को सम्बोधित करते हुए मुख्य सचिव, राजीव कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार निवेशकों को सुरक्षित, पारदर्शी और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्प है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आई0टी0 एवं इलेक्ट्राॅनिक्स, संजीव सरन, अपर मुख्य सचिव श्रम, आर0के0 तिवारी, प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, आलोक सिन्हा, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा, रजनीश दूबे, प्रमुख सचिव, नगरीय विकास, मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव खाद्य प्रसंस्करण, सुधीर गर्ग ने निवेशकों को राज्य में निवेश के अवसरों और निवेश प्रोत्साहन के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों से अवगत कराया।
प्रतिनिधिमण्डल में यू0एस0 दूतावास के हेड आॅफ नाॅर्थ इण्डिया आॅफिस, एरियल पोलाॅक, यू0एस0टी0डी0ए0 के कन्ट्री मैनेजर-साउथ एशिया एण्ड मिडिल ईस्ट, हेथर लैनिंगन, यू0एस0टी0डी0ए0 के इण्डिया रिप्रिजेण्टेटिव, मेनहाज़ अंसारी सहित अज़्योर पावर के सी0ई0ओ0, इन्द्रप्रीत वाधवा, कारगिल इण्डिया के चेयरमैन,सिराज चौधरी, मर्क के एम0डी0, विवेक कामथ, प्रैट एण्ड व्हिटनी के एम0डी0, पलाश राॅय चौधरी, मेडट्राॅनिक के डाॅयरेक्टर, अमित कुमार सिंह, शायर के हेड-इक्सटर्नल अफेयर्स, भास्कर ज्योति सोनोवाल, दुआ कन्सल्टेंसी के पार्टनर, बालिन्दर सिंह, मास्टर कार्ड के वाइस प्रेसिडेण्ट-पब्लिक पाॅलिसी, रोहन मिश्रा, वाटर हेल्थ के बिजनेस डेवलपमेण्ट मैनेजर, देवेश शर्मा, कोका कोला इण्डिया के डायरेक्टर-पब्लिक पाॅलिसी, चन्द्रमोहन गुप्ता, हनीवेल के डायरेक्टर-गवर्नमेण्ट अफेयर्स,अश्विनी चन्नन, हनीवेल के सीनियर मैनेजर-गवर्नमेण्ट अफेयर्स, दिव्यज्योति भुयन सम्मिलित थे।
इसके अलावा, प्रतिनिधिमण्डल में एडोबी के डायरेक्टर-गवर्नमेण्ट अफेयर्स, रोहन मित्रा, उबर के पब्लिक पाॅलिसी-साउथ एशिया, समीर बोरे, महिन्द्रा के हेड-होमलैण्ड सिक्योरिटी एण्ड स्मार्ट सिटीज़, जसबीर सिंह, फेसबुक के हेड-इकोनाॅमिक इनीशियेटिव्स, रजत अरोड़ा, यस बैंक की सीनियर प्रेसिडेण्ट, प्रीति सिन्हा, यस बैंक के वाइस प्रेसिडेण्ट, शाशवती घोष, मोनसैण्टो के डायरेक्टर-गवर्नमेण्ट अफेयर्स, राकेश दुबे, पी0 एण्ड जी0 की डायरेक्टर-गवर्नमेण्ट अफेयर्स, सुप्रिया शर्मा, ओरेकल की डायरेक्टर-गवर्नमेण्ट अफेयर्स, अस्लेशा खण्डेपार्कर, जी0ई0 हेल्थ के चीफ काॅमर्शियल आॅफिसर, मन्दीप सिंह शामिल थे।
सरकार की तरफ से बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त डाॅ0 अनूप चन्द्र पाण्डेय, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, एस0पी0 गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

विशेष टिप्पणी

वैसे तो विगत समस्त मुख्यमंत्रियों ने ऐसी प्रणाली के डवलप किये जाने की घोषणा की लेकिन उनके हटने के बाद ब्यूरोक्रेशी को उन सिंगल विण्डो को बन्द करने में जरा सी भी देरी नहीं लगती। निवेशकों को क्या मिल पाता है, ये तो आनेवाला वक्त ही बतायेगा, लेकिन जब मुख्यमंत्री का ऐसा कहना है तो देखा जाना ही बेहतर है।
वैसे मुख्यमंत्री की पन्द्रह दिनों के अन्दर प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का आदेश तो कहीं उसी गड्ढ़े में पड़ा मिलेगा। लखनउ की मंत्री आवास कालोनी का हाल ये है कि मुश्किल से 200 मीटर की सड़क ही गड्ढा मुक्त नहीं हो पाई है, और ना ही उम्मीद है। क्योंकि अब तो चहुंओर चुनाव की बहार है। चुनाव जीतने के लिए ही इन्वेस्टर मीट का आयोजन मुख्यमंत्री करते आये हैं। उन्हीं अधिकारियों ने वही नुस्खा योगी जी को भी समझा दिया और अपने पीठ थपथपा लेंगे। मुश्किल ये है कि घूमफिर कर वही अधिकारी पंचमतल पर आ जाते हैं, जो पहले ही मुख्यमंत्रियों के साथ रहे होते हैं।

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