बता दें कि पिछले साल बैंक ऑफ बड़ौदा ने Rotomac ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड को विलफुल डिफॉल्टर घोषित किया था। कंपनी बैंक के इस आदेश के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट गई थी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीबी भोसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने कंपनी की याचिका पर सुनवाई करते हुए बैंक को आदेश दिया कि कंपनी का नाम विलफुट डिफॉल्टर लिस्ट से बाहर किया जाए।
वहीं उनका माल रोड स्थित ऑफिस पिछले एक हफ्ते से बंद है। सोशल मीडिया पर उनके देश छोड़कर भागने की खबरें छाई हुई थीं। जिसके बाद रविवार को उन्होंने बयान जारी कर कहा कि वह कानपुर में ही हैं। विक्रम कोठारी के घर पांच सदस्यीय टीम ने कोठारी परिवार के सभी सदस्यों के पासपोर्ट और मोबाइल कब्जे में ले लिए हैं।
उनके लैपटॉप, आइफोन और आईपैड की भी जांच चल रही है। घर के अलावा बिठूर स्थित फार्महाउस और सिटी सेंटर स्थित कार्यालय पर भी सीबीआइ की टीमें जांच कर रही हैं। जब मामला फ्राड का है ही नहीं तो जॉच काहे की चल रही है।
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