
भारतीय समुदाय को PM मोदी ने किया संबोधित, कहा- भारत विकास का भरोसेमंद साझेदार
कुआलालंपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत को ”विकास के लिए एक भरोसेमंद साझेदार” के रूप में देखा जाता है और यह बात ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ समेत विभिन्न देशों के साथ हाल में हुए व्यापार समझौतों में परिलक्षित होती है। मोदी ने यहां भारतीय समुदाय के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय प्रवासी भारत और मलेशिया के बीच एक मजबूत सेतु का काम करते हैं। विभिन्न देशों के साथ भारत द्वारा किए गए व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को ”विकास के लिए एक भरोसेमंद भागीदार” के रूप में देखा जाता है।
उन्होंने कहा कि ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ओमान, यूरोपीय संघ और अमेरिका के भारत के साथ व्यापारिक समझौते हुए हैं और विश्वास भारत की सबसे मजबूत मुद्रा बन गया है। मोदी ने कहा, ”हम एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह समझते हैं, इसका कारण हमारी भाषाओं और मलय भाषा में बड़ी संख्या में मौजूद समान शब्द ही होंगे।” उन्होंने कहा, ”कुआलालंपुर में भारतीय प्रवासियों के स्नेह के लिए मैं आभारी हूं। हमारा प्रवासी समुदाय भारत और मलेशिया के बीच एक मजबूत सेतु का काम करता आ रहा है।
मोदी ने कहा कि उन्हें मलेशिया में आकर बहुत खुशी हो रही है, जो 2026 में उनकी पहली विदेश यात्रा है। उन्होंने कहा, ”मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और मैं उनके प्रधानमंत्री बनने से पहले से ही दोस्त हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि मलेशिया में रहने वाले तमिल प्रवासी विभिन्न क्षेत्रों में समाज की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ”दरअसल, तमिल प्रवासी यहां कई सदियों से रह रहे हैं। इस इतिहास से प्रेरित होकर, हमें मलय विश्वविद्यालय में ‘तिरुवल्लुवर चेयर’ की स्थापना करने पर गर्व है। अब हम अपनी साझा विरासत को और मजबूत करने के लिए एक तिरुवल्लुवर केंद्र स्थापित करेंगे।
मोदी ने कहा कि विश्व में भारतीय मूल के लोगों का दूसरा सबसे बड़ा समुदाय मलेशिया में है और भारतीय और मलेशियाई लोगों के दिलों को जोड़ने वाली कई बातें हैं। उन्होंने कहा, ”मैंने हाल में अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के दौरान 1.4 अरब भारतीयों के साथ साझा किया था कि मलेशिया में 500 से अधिक स्कूल बच्चों को भारतीय भाषाओं में पढ़ाते हैं।” उन्होंने कहा कि ”भारत की सफलता मलेशिया की सफलता है और यह एशिया की सफलता है”।
मोदी ने कहा, ”इसीलिए मैं कहता हूं कि हमारे संबंधों का मार्गदर्शक शब्द ‘इम्पैक्ट’ है। ‘इम्पैक्ट’ का अर्थ है सामूहिक परिवर्तन को आगे बढ़ाने के लिए भारत-मलेशिया साझेदारी।” मोदी ने भारतीयों और भारतीय मूल के लोगों से भारत की यात्रा करने और भारत का अनुभव करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा, ”आपको अपने मलय मित्रों को भी साथ लाना होगा। क्योंकि लोगों के बीच संपर्क ही हमारी मित्रता की आधारशिला है।” इससे पहले मोदी और अनवर इब्राहिम का कार्यक्रम में जबरदस्त स्वागत किया गया। कार्यक्रम में 800 से अधिक प्रतिभागियों ने नृत्य प्रस्तुतियां दीं।



