कर्ण सिंह के बाद वह पिछले 51 साल में Jammu-Kashmir का राज्यपाल नियुक्त होने वाले प्रथम राजनीतिक नेता होंगे। सिंह का कार्यकाल 1967 में समाप्त हुआ था। एन0एन0 वोहरा एक दशक से ज्यादा समय तक यहां के राज्यपाल रहे। अमरनाथ यात्रा को देखते हुए उन्हें कार्य विस्तार दिया गया था।

बदलते राजनीतिक परिदृश्य में भी उनकी नियुक्ति को देखा जा सकता है। दरअसल, यह चर्चा है कि पीडीपी के असंतुष्ट विधायक भाजपा से हाथ मिला सकते हैं। मलिक को Jammu-Kashmir का राज्यपाल ऐसे समय में बनाया गया है जब राज्य में अगले महीने स्थानीय निकायों के चुनाव होने हैं।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाट समुदाय से आने वाले मलिक को रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति बनने के बाद बिहार का राज्यपाल बनाया गया था। राज्यपाल बनने से पहले वह बीजेपी में किसानों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं।

बहत्तर वर्षीय मलिक करीब-करीब सभी राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़े रहे हैं। उन्होंने छात्र समाजवादी नेता के तौर पर अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था। पिछले साल बिहार का राज्यपाल नियुक्त किए जाने से पहले वह भाजपा के उपाध्यक्ष भी थे।

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