Bareilly News: रुहेलखंड विश्वविद्यालय की डिग्रियों पर अब ‘INDIA’ नहीं, ‘भारत’ होगा अंकित
रुहेलखंड विश्वविद्यालय की डिग्री हाथ में आने पर अब उस पर अंग्रेजी में ‘India’ की जगह ‘Bharat’ लिखा नजर आएगा। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने अपनी डिग्रियों और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के प्रारूप में बदलाव का फैसला किया है। बुधवार को कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय की अध्यक्षता में हुई विद्या परिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। विश्वविद्यालय का दावा है कि उत्तर प्रदेश में इस तरह का निर्णय लेने वाला वह पहला विश्वविद्यालय है। हालांकि, नई व्यवस्था किस शैक्षणिक सत्र से लागू होगी, यह अभी तय नहीं हुआ है।
बैठक केवल डिग्री के प्रारूप में बदलाव तक सीमित नहीं रही। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पाठ्यक्रमों में संशोधन, चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम के चौथे वर्ष में ऑनर्स और ऑनर्स विद रिसर्च की व्यवस्था तथा विज्ञान के कुछ परास्नातक पाठ्यक्रमों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को शामिल करने समेत कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इन फैसलों का असर डिग्री के स्वरूप के साथ विद्यार्थियों की पढ़ाई और मूल्यांकन व्यवस्था पर भी पड़ेगा।
चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में ऑनर्स और रिसर्च का विकल्प
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम के चौथे वर्ष में ऑनर्स और ऑनर्स विद रिसर्च कार्यक्रमों को मंजूरी दी गई। इससे संबंधित पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई और शोध के अनुरूप विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। बैठक में विभिन्न विषयों के पाठ्यक्रमों को भी संशोधित करने पर सहमति बनी।
बीएड में बदलेगा मूल्यांकन का अनुपात
बीएड पाठ्यक्रम की मूल्यांकन व्यवस्था में भी बदलाव को मंजूरी दी गई। इसके तहत विद्यार्थियों के कुल मूल्यांकन में 70 प्रतिशत हिस्सा बाहरी और 30 प्रतिशत हिस्सा आंतरिक मूल्यांकन का होगा। इस बदलाव से परीक्षा और आंतरिक प्रदर्शन के लिए निर्धारित अंकों का अनुपात बदल जाएगा। नई व्यवस्था के क्रियान्वयन से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
एमएससी के तीन विषयों में जुड़ेगी कृत्रिम बुद्धिमत्ता
विज्ञान के पाठ्यक्रमों को नई तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से एमएससी पादप विज्ञान, माइक्रोबायोलॉजी और एनिमल साइंस में एआई को शामिल करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। इसके अलावा बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग और बीएससी माइक्रोबायोलॉजी के संशोधित पाठ्यक्रमों को अनुमोदित किया गया। संस्कृत, उर्दू और अंग्रेजी समेत अन्य विषयों के पाठ्यक्रमों में भी संशोधन को मंजूरी दी गई।



