इस पर सफाई देते हुए स्मृति ईरानी ने कहा, ‘कमेटी में वरिष्ठ अधिकारी, पीसीआई, एनबीए और आईबीएफ के प्रतिनिधि होंगे। जब तक कोई रेगुलेशन नहीं आ जाता, न्यूज पोर्टल्स के लिए नियम लागू नहीं किए जा सकते।
होइये वही जो राम रचि राखा। फिर सरकार काहे बनाये रही हर चीज का लिफाफा। यह तो तय है कि फेक न्यूज पर नए कदम से एक बार फिर सरकार और मीडिया टकराव के मुहाने पर खड़े हैं।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के बयान में कहा गया है, ‘यदि एजेंसियां (PCI या NBA) इस बात की पुष्टि कर देती हैं कि प्रकाशित या प्रसारित समाचार फेक यानी फर्जी था, तो ऐसे फेक न्यूज को तैयार या प्रसारित करने के लिए जिम्मेदार पत्रकारों की मान्यता पहली गलती पर छह माह के लिए निलंबित कर दी जाएगी।