पंचतंत्र
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PanchTantra-टका नहीं तो टकटका
महिलारोप्य नामक जिस नगर में अमरशक्ति नाम का राजा राज करता था और जिसमें विष्णुशर्मा अपनी पाठशाला चलाते थे वह…
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PanchTantra-कान भरने की कला भाग-15
पिछले अंक के भाग-14 में आपने पढ़ा कि…………… उन्हें यह पता ही नहीं चल रहा था कि विष्णुशर्मा कहानियों के…
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PanchTantra-कान भरने की कला भाग-14
पिछले अंक के भाग-13 में आपने पढ़ा कि…………… उस मंत्री को विष्णुशर्मा नाम के उस पंडित का पता था जो…
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PanchTantra-कान भरने की कला भाग-13
पिछले अंक के भाग-12 में आपने पढ़ा कि…………… King ने खांस कर गला साफ करते हुए कहा, यहां मेरे ही…
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PanchTantra-कान भरने की कला भाग-12
पिछले अंक के भाग-11 में आपने पढ़ा कि…………… वह कितना भी सुंदर हो, कितना भी कमाऊ निकले, कितना भी गुणी…
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PanchTantra-कान भरने की कला भाग-11
पिछले अंक के भाग-10 में आपने पढ़ा कि…………… सचिवों को यह बात मालूम थी। राजकुमार जैसे थे वैसा बनाने में…
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PanchTantra-कान भरने की कला भाग-10
पिछले अंक के भाग-9 में आपने पढ़ा कि…………… कहने का मतलब यह है कि लड़के लिख लोढ़ा, पढ़ पत्थर थे।…
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PanchTantra-कान भरने की कला भाग-9
पिछले अंक के भाग-8 में आपने पढ़ा कि…………… कुछ समय तक अपने गुणों की तालिकाओं को बार-बार सुनते रहने के…
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पंचतन्त्र-कान भरने की कला भाग-8
पिछले अंक के भाग-7 में आपने पढ़ा कि…………… बरगद के नीचे की घास सूख जाती है और काई के ऊपर…
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कान भरने की कला-कहानी की कहानी पंचतन्त्र-7
पिछले अंक के भाग-6 में आपने पढ़ा कि…………… पर यह इतना समय साध्य काम था जिसकी अनुमति न तो मेरी…
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