खबरविशेष

Animal Mkt. में मवेशियों की खरीद-फरोख्त पर रोक

[tta_listen_btn listen_text="खबर सुनें" pause_text="Pause" resume_text="Resume" replay_text="Replay" start_text="Start" stop_text="Stop"]

सरकार ने वध के लिये Animal Mkt. में मवेशियों की खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगा दिया हैl जिससे निर्यात एवं मांस तथा चमड़ा कारोबार प्रभावित होने की संभावना है। सरकार ने जीवों से जुड़ीं क्रूर परंपराओं पर भी प्रतिबंध लगाया हैl

जिसमें उनके सींग रंगना तथा उन पर आभूषण या सजावट के सामान लगाना शामिल है। पर्यावरण मंत्रालय ने पशु क्रूरता निरोधक अधिनियम के तहत सख्त ‘पशु क्रूरता निरोधक (पशुधन बाजार नियमन) नियम, 2017’ को अधिसूचित किया है।

केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि नये नियम बहुत ‘‘स्पष्ट’’ हैं और इसका उद्देश्य Animal Mkt. तथा मवेशियों की बिक्री का नियमन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये प्रावधान पशुओं पर केवल पशु बाजारों तथा संपत्ति के रूप में जब्त पशुओं पर लागू होंगे।

उन्होंने कहा कि ये नियम अन्य क्षेत्रों को कवर नहीं करते हैं। पर्यावरण मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अधिसूचना पशु कल्याण के निर्देश के अनुरूप है।

इस बीच, केरल के मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने कहा कि अगर आज उन्होंने पशु वध को प्रतिबंधित किया हैl तो वे कल मछली खाने पर रोक लगा देंगे। मलयालम में किये फेसबुक पोस्ट में मुख्यमंत्री ने जनता से भाजपा नीत सरकार के ‘‘इस असभ्य फैसले’’ के खिलाफ गुस्सा दिखाने को कहा। उन्होंने कहा कि यह देश के ‘‘धर्मनिरपेक्ष छवि को खराब करने का प्रयास’’ है।

अधिसूचना के मुताबिक Animal Mkt. समिति के सदस्य सचिव को यह सुनिश्चित करना होगाl कि कोई भी शख्स बाजार में अवयस्क पशु को बिक्री के लिये न लेकर आये। इसमें कहा गया है ‘‘किसी भी शख्स को पशु बाजार में मवेशी को लाने की इजाजत नहीं होगीl

जब तक कि वहां पहुंचने पर वह पशु के मालिक द्वारा हस्ताक्षरित यह लिखित घोषणा-पत्र न दे देl जिसमें मवेशी के मालिक का नाम और पता हो और फोटो पहचान-पत्र की एक प्रति भी लगी हो।’’ अधिसूचना के मुताबिक, ‘‘मवेशी की पहचान के विवरण के साथ यह भी स्पष्ट करना होगाl कि मवेशी को बाजार में बिक्री के लिये लाने का उद्देश्य उसका वध नहीं है।’’

 

राज्‍यों से जुड़ी हर खबर और देश-दुनिया की ताजा खबरें पढ़ने के लिए नार्थ इंडिया स्टेट्समैन से जुड़े। साथ ही लेटेस्‍ट हि‍न्‍दी खबर से जुड़ी जानकारी के लि‍ये हमारा ऐप को डाउनलोड करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button