
राजभवन में एन0आई0डी0 फाउंडेशन और उच्च शिक्षा विभाग के बीच एम0ओ0य0ू हस्ताक्षरित
राजभवन के गांधी सभागार में राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी तथा प्रदेश मंत्रिमंडल के सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति में उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट रैंकिंग के संबंध में ‘उत्तर प्रदेश कैडर फ़ॉर रैंकिंग एक्रीडियेशन मेंटरशिप’ नाम से राजधानी लखनऊ में विशिष्ट केंद्र की स्थापना हेतु एन0आई0डी0 फाउंडेशन और उच्च शिक्षा विभाग के बीच एम0ओ0य0ू पर हस्ताक्षर हुए।
प्रथम चरण में यू0पी0सी0आर0ए0एम0 के अन्तर्गत चण्डीगढ़ विश्वविद्यालय के साथ 11 विश्वविद्यालय क्रमशः चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ, महात्मा ज्योबिफूले रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय बरेली, लखनऊ विश्वविद्यालय लखनऊ, छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर, के0जी0एम0यू0 लखनऊ, एस0जी0पी0जी0आई0 लखनऊ, मदन मोहन मालवीय प्राविधिक विश्वविद्यालय गोरखपुर, कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी तथा चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर के साथ सहभागिता करेंगे।
राज्यपाल ने बताया कि ‘उत्तर प्रदेश कैडर फ़ॉर रैंकिंग एक्रीडियेशन मेंटरशिप’ (उपक्रम) उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के लिए परिवर्तन की एक नई सुबह के उदय का मार्ग प्रशस्त करेगा। शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने और राज्य में उच्च शिक्षा संस्थानों की राष्ट्रीय और वैश्विक रैंकिंग को ऊपर उठाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एनआईडी फाउंडेशन के सहयोग से इस सेंटर की स्थापना की जाएगी। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में यह सेंटर महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा,
जो छात्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए एक कुशल इकोसिस्टम बनाने के अलावा राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों को बेहतर मान्यता तथा रैंकिंग प्राप्त करने के लिए अपने संस्थागत मानकों को ऊपर उठाने हेतु मार्गदर्शन प्रदान करेगा। यह सेंटर सीखने की गुणवत्ता का आकलन करने, उसे बनाए रखने में मदद करेगा, वहीं उत्तर प्रदेश में विश्वस्तरीय विश्वविद्यालयों के निर्माण के लक्ष्य की पूर्ति के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे को सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
उन्होंने कहा कि राजभवन उत्तर प्रदेष की हमेषा से यह अभिलाषा रही है कि उच्च षिक्षा से जुड़े सभी षिक्षण संस्थान उत्कृष्ट गुणवत्ता के हों और नई शिक्षा नीति-2020 के आने के बाद यह अपेक्षा और महत्वपूर्ण हो गयी है। राज्यपाल जी ने कहा कि इसी प्रतिबद्धता के दृष्टिगत सभी राज्य विश्वविद्यालयों ने नैक मूल्यांकन की तैयारियां आरम्भ की और राजभवन में सितम्बर/अक्टूबर 2021 से इनकी तैयारियों की समीक्षा की गयी। समीक्षा बैठकों में विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रस्तुतीकरण के दौरान जो अनुभव साझा किये गये वे दूसरे विश्वविद्यालयों के लिए लाभकारी रहे।
राज्यपाल ने बताया कि मार्च 2022 में 6 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैंगलुरू जाकर नैक के निदेशक तथा उनके पदाधिकारियों के साथ सार्थक चर्चा की गयी, जिससे नैक मूल्यांकन की तैयारी के बारे में पर्याप्त जानकारी प्राप्त हुई। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपति तथा उनके नैक मूल्यांकन के विभिन्न क्राइटेरिया के प्रभारियों के साथ दो दिवसीय मंथन कार्यशाला का आयोजन राजभवन द्वारा नैक के सहयोग से कराया गया,
जिसमें 4 ऐसे संस्थानों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया, जिन्होंने नैक मूल्यांकन में उच्च ग्रेड प्राप्त किया था। इसके साथ ही जून 2022 में 9 कुलपतियों तथा राजभवन के अधिकारियों के 1 दल द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त इण्डियन स्कूल ऑफ बिजनेस, नैक द्वारा ए ग्रेड प्राप्त पंजाब विश्वविद्यालय तथा ए प्लस ग्रेड प्राप्त चण्डीगढ़ विश्वविद्यालय का भ्रमण कर वहा की बेस्ट प्रैक्टिसेस का अवलोकन किया, जिससे सभी प्रतिभागियों को नई चीजें सीखने का मौका मिला।
इसी श्रृंखला में जुलाई 2022 में राज्य के चारों कृषि विश्वविद्यालयों तथा राजभवन के अधिकारियों के एक दल द्वारा भारतीय अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली का भ्रमण कर वहां अनुसंधान के विभिन्न प्रयोगों तथा उपलब्ध संसाधनों खासकर ड्रोन की उपयोगिता के बारे में जानकारी प्राप्त की। इन सभी प्रयासों तथा समीक्षा बैठकों के परिणामस्वरूप ही आज राज्य विश्वविद्यालय नैक ग्रेडिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने लगे हैं और अभी हाल ही में लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा ए प्लस प्लस ग्रेड, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर द्वारा ए ग्रेड तथा चन्द्रशेखर कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर द्वारा बी ग्रेड प्राप्त किया गया।
राज्यपाल ने कहा कि हमारे शैक्षिक संस्थानों में पोटेंशियल है जरूरत है उन्हें प्रोत्साहन देने की। हमें अपने विश्वविद्यालयों को विश्व स्तरीय रैंकिग सूची में शामिल करने के लिए ठोस प्रयास करना होगा ताकि युवाओं का शैक्षिक पलायन रोका जा सके।



