उत्तर प्रदेश

जन धन खातों में यूपी अव्वल …. लखनऊ में लाखों खाते सक्रिय, डीबीटी से बढ़ी पहुंच लेकिन बचत सीमित

प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी बना हुआ है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में 10 करोड़ से अधिक जन धन खाते सक्रिय हैं, जिनमें करीब 64 हजार करोड़ रुपये जमा हैं। यह आंकड़ा न केवल वित्तीय समावेशन की दिशा में बड़ी उपलब्धि दर्शाता है, बल्कि ग्रामीण और शहरी गरीबों तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच को भी रेखांकित करता है।

राजधानी में भी इस योजना का व्यापक प्रभाव देखने को मिल रहा है। शहर में लाखों जन धन खाते संचालित हो रहे हैं, जिनका उपयोग मुख्य रूप से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के लिए किया जा रहा है। गैस सब्सिडी, पेंशन, छात्रवृत्ति और अन्य सरकारी योजनाओं की राशि सीधे खातों में पहुंचने से पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ी हैं।

बैंकिंग क्षेत्र में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शाखाओं में जन धन खातों की संख्या अधिक है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि इस योजना ने उन लोगों को भी बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा है, जो पहले इससे दूर थे। हालांकि, अधिकांश खातों में औसत बैलेंस कम रहने की बात भी सामने आई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि खातों की बड़ी संख्या के बावजूद कम जमा राशि यह संकेत देती है कि लाभार्थियों की आय और बचत क्षमता अभी सीमित है। ऐसे में केवल बैंक खाते खोलना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि रोजगार सृजन और आय बढ़ाने पर भी जोर देना जरूरी है, ताकि लोग नियमित बचत कर सकें और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

सरकार की पूरी कोशिश है कि सभी का खाता खोला जाये, जिससे पारदर्शिता और सुविधा के साथ गैस सब्सिडी, पेंशन, छात्रवृत्ति और अन्य सरकारी योजनाओं की राशि सीधे खाताधारकों के खातों में पहुंचे।- मनीष पाठक, जिला अग्रणी प्रबंधक

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