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ऊर्जा विकास का कारक है: मुख्यमंत्री
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सम-विषम परिस्थितियों में भी राज्य सरकार ने विकास को केन्द्र बिन्दु में रखा है। उत्तर प्रदेश पहला ऐसा राज्य है जो लाॅकडाउन के बाद भी कई प्रकार के लोकार्पण एवं शिलान्यास जैसे कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है।
इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में ऊर्जा विभाग ‘सबको बिजली, पर्याप्त बिजली, निर्बाध बिजली’ उपलब्ध करा रहा है। पारेषण क्षेत्र में किये गये कार्याें के परिणामस्वरूप प्रदेश के पारेषण क्षेत्र में लगभग सभी महत्वपूर्ण सूचकांकों में अभूतपूर्व प्रगति हुई है।
तीन वर्ष पूर्व प्रदेश के पारेषण तंत्र द्वारा जहां मात्र 18061 मेगावाॅट का अधिकतम भार वहन किया जा सकता था, वहीं वर्ष 2019 में प्रदेश के पारेषण तंत्र द्वारा लगभग 21,632 मेगावाॅट के अधिकतम भार-वहन किया गया है। आगामी 05 वर्षाें में प्रदेश का पारेषण तंत्र लगभग 30,000 मेगावाॅट का भार वहन करने हेतु सक्षम होगा, जिसके लिए 164 नग उपकेन्द्रों एवं तत्सम्बन्धी लाइनों का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है।
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