National Anti Profiteering Authority (NAA) के अध्यक्ष के रूप में उनका दर्जा भारत सरकार के सचिव स्तर का होगा। ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई कैबिनेट की बैठक में 16 नवंबर को पांच सदस्यीय अथॉरिटी को मंजूरी दी थी।
NAA
National Anti Profiteering Authority (NAA) के गठन का मकसद यह है कि जब भी सरकार जीएसटी की दरों में कटौती करे तो इसका फायदा आम लोगों को घटी हुई कीमतों के रूप में मिले।
अगर कोई कारोबारी जीएसटी की दरों में कटौती के बाद अपने उत्पादों व सेवाओं की कीमत कम नहीं करता है तो National Anti Profiteering Authority (NAA) ऐसे मामलों में कार्रवाई करेगी।
यह प्राधिकरण (NAA) जीएसटी में कमी पर भी लाभ न देने वालों पर कार्रवाई करेगा। जीएसटी से कर राजस्व संग्रह और इसका अनुपालन फिलहाल लक्ष्य से पीछे ही रहेगा।