फिलीस्तीन ने सड़कों पर उतरकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की भी बात कही है। 57 सदस्यों वाली ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन का कहना है कि जेरूशलम की स्थिति को बदलना अरब और मुसलमान देशों की सोच के खिलाफ होगा।
और यह फैसला उन्हें उग्र कर सकता है। साथ ही अरब लीग के मुखिया का कहना है कि पूरे मिडिल ईस्ट में संघर्ष को रोकने के लिए यह एक खतरनाक प्रक्रिया है।
इजरायल के सुरक्षा अधिकारियों की मानें तो वह हालातों पर नजर बनाए हुए हैं। इजरायल और फिलीस्तीन दोनों ने ही वेस्ट बैंक पर सुरक्षा इंतजामों को बढ़ा दिया है। इस जगह पर पिछले कुछ वर्षों में हिंसा के कई दौर देखे गए हैं।
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