जेरूशलम काफी लंबे से यहूदी लोगों की राजधानी रहा है। आज की वास्तविकता यह है कि यह शहर सरकार, महत्वपूर्ण मंत्रालयों, इसकी विधायिका, सुप्रीम कोर्ट का केंद्र है। डोनॉल्ड ट्रम्प तेल अवीव से अमेरिकी दूतावास को जेरूशलम स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए विदेश मंत्रालय को आदेश भी देंगे।
हालांकि डोनॉल्ड ट्रम्प के इस फैसले पर अरब देश सवाल उठा रहे हैं। साल 1979 से अमेरिकी राष्ट्रपति जेरूशलम को इजरायल की राजधानी मानने से इनकार करते आ रहे हैं। उस समय से ही अमेरिकी दूतावास को तेल अवीव से जेरूशलम ले जाने से मना किया जाता रहा है।
एक तरफ जहां इजरायल, जेरूशलम को अपनी राजधानी बताता है, वहीं दूसरी तरफ फिलीस्तीनी भी जेरूशलम को अपनी राजधानी बताते हैं। संयुक्त राष्ट्र और दुनिया के ज्यादातर देश पूरे जेरूशलम पर इजरायल के दावे को मान्यता नहीं देते।
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