Iran के विदेश मंत्री मोहम्मद जाविद जरिफ ने कहा कि वह यह पता लगाने के लिए एक राजनयिक प्रयास का नेतृत्व करेंगे कि शेष जेसीपीओए (JCPOA) के सदस्य देश ईरान के लिए अपने पूर्ण लाभ सुनिश्चित कर सकते हैं या नहीं।

बता दें कि परमाणु समझौते को जेसीपीओए या संयुक्त व्यापक कार्य योजना के रूप में भी जाना जाता है। हालांकि रूहानी ने चेतावनी दी है कि अगर देश की जरूरतों को पूरा नहीं किया जा सकेगा, तो ईरान समझौते में अनुमति के स्तर से परे यूरेनियम को समृद्ध करना शुरू कर देगा।

रूहानी ने कहा, ‘हम परमाणु समझौते से जो चाहते हैं वो हम प्राप्त कर सकते हैं, ऐसी स्थिति में समझौता बना रहेगा। यदि ऐसा नहीं होता है तो ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन को आदेश दिया गया है कि ईरान असीमित यूरेनियम संवर्धन तैयार करेगा।

उन्होंने ट्रम्प की रणनीति को मनोवैज्ञानिक जंग करार दिया और ईरान के लोगों से अमरीका पर दबाव का विरोध करने का आग्रह किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.